2.16 लाख बच्चों को पिलाई जाएगी ड्रॉप्स
पोलियोजैसी खतरनाक बीमारी से बचाव समूल खात्मे के लिए आगामी 21 से 23 सितंबर तक पल्स पोलियो अभियान चलाया जाएगा। अभियान में 0 से 5 वर्ष तक की आयु के 2 लाख 16 हजार 336 बच्चों को पोलियो प्रतिरक्षण दवा पिलाई जाएगी। लघु सचिवालय के सभागार में गुरुवार को हुई टास्क फोर्स की बैठक में एडीसी गिरीश अरोड़ा ने संबंधित अधिकारियों काे निर्देश दिए।
एडीसी ने कहा कि करनाल के साथ उत्तर प्रदेश की सीमा लगती है, जहां से ईंट भट्ठों पर कार्य करने के लिए मजदूर परिवार आते हैं और कार्य समाप्त करके आॅफ सीजन में वापस चले जाते हैं। पल्स पोलियो प्रतिरक्षण राउंड में इनको भी शत-प्रतिशत कवर किया जाता रहे तो भविष्य में बचाव रहेगा। उन्होंने शिक्षा विभाग, पंचायत विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश निर्देश दिए कि वे पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने के लिए फील्ड में जाकर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें,ताकि हर बच्चें को पोलियो की खुराक पिलाई जा सके।
बैठक में ये रहे माैजूद : इसअवसर पर राजेन्द्र, बाबू राम, डाॅ. कांता धनखड़, डाॅ. अनीता अग्रवाल, डाॅ. संजीव ग्रोवर,रेड क्रास सचिव डाॅ. सुनील कुमार सोमा कम्पनी के मैनेजर सूर्यप्रताप सिंह रावल सहित अन्य समाज सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक उपस्थित थे।
गांवों में कराई जाए मुनादी
एडीसीने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी गांवों शहरी क्षेत्रों मेंं पल्स पोलियो प्रतिरक्षण दवा पिलवाने की तिथियों की मुनादी करवा दी जाए। पल्स पोलियो अभियान में लगे सुपरवाइजर अपने-अपने क्षेत्रों में दवा पिलाने की तिथियों से पहले ही तैयारियों को अच्छी तरह चैक कर लें। दवा पिलाने के दिनों में सुपरवाइजर ईंट भट्ठों और स्लम बस्तियों में टीमें पहुंची है या नहीं, ये भी खास तौर पर चैक कर लें।
3,682 कर्मचारी अभियान में किए गए हैं तैनात
सीएमओडॉ. वंदना भाटिया के मुताबिक 21 से 23 सितंबर तक चलने वाले पल्स पोलियो अभियान की सफलता के लिए जिला में कुल 3 हजार 682 अधिकारी कर्मचारी तैनात किए गए हैं। 21 सितंबर को पोलियो बूथों पर दवा पिलाई जाएगी तथा 22 23 सितंबर को घर-घर जाकर टीमें पोलियो की दवा पिलाएंगी। जिला में डोर टू डोर जाने के लिए कुल 1647 टीमें बनाई गई हैं, इसमें 816 बूथ, 62 मोबाइल टीमें बनाई गई है, जो संडे बाजार, रेलवे स्टेशन,