सदगुरु की कृपा से मिलता है सुख
करनाल | संतनिरंकारी मंडल द्वारा रेलवे रोड स्थित सत्संग भवन में आयोजित संगत में महात्मा हरबंस लाल ने कहा कि जब धरती पर सत्गुरु का अवतरण होता है तभी यह धरती धन्य होती है और पवित्र कहलाती है। ब्रह्म अमोलक दात है.. को संदर्भित करते हुए कहा कि सतगुरु की कृपा मिलने के बाद ही मनुष्य को ब्रह्म अर्थात परमात्मा का ज्ञान होता है और उसका जीवन आनंद एवं खुशियों से भर जाता है। सत्संग में महात्मा हरबंस लाल ने कहा कि परमात्मा निर्मल मन वाले मनुष्य को सहज मिलते हैं। इस लिए जिसे ईश्वर के बारे में जानना है या ईश्वर का ज्ञान प्राप्त करना है, उसके लिए जरूरी है कि मन को शुद्ध रखे। अभिमान, घृणा, ईष्या, द्वेष आदि विकास मन को दूषित और मस्तिष्क को कलुषित कर देते हैं। हरबंस लाल ने कहा सतगुरु की कृपा से जब कुछ मिल जाता है लेकिन सतगुरु की कृपा सहज नहीं मिलती।
करनाल. निरंकारीभवन में प्रवचन सुनते श्रद्धालु।