(एमडीडी बाल भवन में नवजात बच्ची को झूला झुलाती रेखा।)
करनाल | एमडीडी बाल भवन सेक्टर-6 के पालने में अज्ञात व्यक्ति कंबल में लिपटी सात दिन की बच्ची को छोड़ गया। साथ में नौ जोड़ी महंगे कपड़ों को पॉलीथिन में डालकर रख गया। रात करीब 9 बजकर 30 मिनट पर एमडीडी बाल भवन के डोर की बैल बजी तो बाल भवन के कर्मचारी बाहर निकले और बच्ची को बाल भवन ले जाया गया। यहां के स्टाफ बच्चों ने नन्ही बच्ची को ममतामयी ढंग से दुलार दिया। एमडीडी बाल भवन के बच्चों ने बच्ची का नाम दिशा रख दिया है। बाल भवन के अधिकारियों के अनुसार आज मेडिकल होगा।
बच्ची को पाकर बाल भवन कर्मचारियों में खुशी का माहौल : बाल भवन के कर्मचारी जहां बच्ची को छोड़कर जाने वाले माता पिता को दुत्कार रहे हैं। वहीं दूसरी ओर यह भी कह रहे हैं कि चलो उन्होंने बच्ची को इधर उधर तो नहीं फेंका। अन्यथा बच्ची की जान पर जाती। बच्ची को पाकर बाल भवन में कर्मचारियों में काफी खुशी का माहौल है। बाल भवन में कार्यरत बाल संरक्षण अधिकारी सुमन ने कहा कि बच्ची को पाकर खुशी का माहौल हो भी क्यों नहीं। बच्ची है ही इतनी प्यारी, इसे देखे बिना रहा नहीं जा सकता।
बाल भवन में छह महीने तक बच्चों को रखने का है प्रावधान : बाल भवन में मात्र छह माह तक बच्चे को रखने का प्रावधान होता है। इनमें चार माह बच्ची के माता पिता की खोजबीन, उसके दो माह अगर कोई बच्ची को गोद लेना चाहे। उसके बाद बच्ची को बाल गृह पंचकूला भेज दिया जाता है। उन्होंने कहा कि उनके पास सिर्फ अस्पताल में मिली बच्ची रेखा ही है। जो अब करीब डेढ़ साल की हो चुकी है।
विभिन्न स्थानों से मिल चुके हैं बच्चे : अगस्त 2013- ट्रेन के यात्री डिब्बे में सीमेंट से सनी से हुई बच्ची मिली थी। उसका नाम श्रावणी रखा गया। 26 दिसंबर-2013 सिविल अस्पताल में छोटी सी बच्ची मिली, जिसका नाम रेखा रखा गया था। 19 जून-2013 तनु रेलवे स्टेशन पर मिली। 23 अप्रैल-2014 लक्की अस्पताल के पास मिला। इसके बाद एक ओर बच्ची मिली, जिसका नाम खुशी रखा गया।
बच्ची को सर्दी न लगे, कंबल में लपेट कर छोड़ा ।
एमडीडी बाल भवन के बच्चों ने दिशा रखा नाम, आज होगा मेडिकल ।