- Hindi News
- योग बना प्रसिद्धि पाने का साधन: विवेकानंद
योग बना प्रसिद्धि पाने का साधन: विवेकानंद
आर्यसमाज सेक्टर-6 में आर्य केंद्रीय सभा करनाल के तत्वावधान में 7 दिसंबर से 9 दिसंबर तक चलने वाले तीन दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर का पावन यज्ञ कर्म से शुभारंभ हुआ। यज्ञ के ब्रह्मा पंडित शिवप्रसाद उपाध्याय एवं पंडित राजीव आर्य ने वैदिक रीति से यज्ञ में आहुतियां डलवाई।
स्वामी विवेकानंद परिप्राजक (रोजड़, गुजरात) ने योग का अर्थ एवं महात्म्य बताते हुए कहा कि आज विश्व में योग बारे कौतुहल एवं जिज्ञासा का भाव दिखाई दे रहा है, परंतु योग के नाम पर जिज्ञासुओं को ज्यादातर भ्रमित किया जा रहा है। योग धन प्राप्ति एवं प्रसिद्धि पाने का साधन सा बन गया है। जैसे ईश्वर को क्रय-विक्रय की वस्तु बना डाला है वैसे ही योग को भी बना दिया गया है। स्वामी ने कहा कि महामुनि पतंजलि ने योग सूत्र में योग की परिभाषा करते हुए कहा है कि चित्त वृत्ति निरोध योग अर्थात मन के विचारों को रोकना योग है। मन तो जड़ है। उसमें इच्छा है प्रय| है, इसलिए मन गतिशील हो ही नहीं सकता। उसमें इच्छा है प्रय| है, इसलिए मन गतिशील हो ही नहीं सकता। इच्छा प्रय| चेतन आत्मा के गुण हैं। आत्मा ही मन को गतिशील करती है।
स्वामी ने आगे कहा कि हमारी रूचि संसार में ज्यादा होती है, ईश्वर में कम, जिसके कारण मन की वृत्तियां सांसारिक विषयों की तरफ ज्यादा भागती हैं। मन को सांसारिक विचारों से रोकना तथा ईश्वर के विचारों को जागृत करना ही योग है। ईश्वर के प्रति हमारी रूचि कैसे बढ़े इसे स्पष्ट करते हुए स्वामी ने कहा कि हमें ईश्वर के गुणों का बार-बार चिंतन करना चाहिए तथा उससे मिलने वाले लाभों का चिंतन करें। जैसे एक कंपनी बार-बार विज्ञापन देकर किसी वस्तु की रूचि लोगों में पैदा कर देती है वैसे ही हमें बार-बार ईश्वर के न्याय आदि गुणों का चिंतन करना चाहिए।
करनाल. आर्यकेंद्रीय सभा द्वारा आयोजित शिविर में योग करते साधक।
करनाल. आर्यकेंद्रीय सभा द्वारा आयोजित शिविर में योग सिखाते शिक्षक।
कार्यक्रम में इनकी रही विशेष भागीदारी
इसअवसर पर आर्य केंद्रीय सभा के प्रधान सत्येंद्र मोहन कुमार, महामंत्री स्वतंत्र कुकरेजा, वेद आर्य, आनंद सिंह आर्य, शांतिप्रकाश आर्य, बलबीर आर्य, सुरजीत सूभरी, हरीश मदान, ओमप्रकाश सचदेवा, भुज सिंह, सावित्री आर्य, शशि आर्य, सुमित्रा कुकरेजा, ओम सहगल, राधेश्याम डुडेजा ओमप्रकाश कुमार सहित आर्य समाज के पदाधिकारी, कार्यकर्त