हाई रिस्क प्रेग्नेंसी सप्ताह 15 से
करनाल | जिलेमें 15 से 19 दिसंबर तक हाई रिस्क प्रेग्नेंसी सप्ताह मनाया जाएगा। इस सप्ताह में जिले की सभी अत्यधिक खतरे वाली गर्भवती महिलाओं को चयनित किया जाएगा, ताकि प्रसव के समय इनका विशेष ध्यान रखा जाए। यह बात सिविल सर्जन डाॅ. वंदना भाटिया ने सोमवार को सिविल सर्जन कार्यालय में जिले के सभी स्वास्थ्य सहायकों की बैठक को संबोधित करते हुए कही।
डॉ. भाटिया ने स्वास्थ्य सहायकों को निर्देश दिए कि जिले में ऐसी गर्भवती महिलाओं की लिस्ट तैयार की जाए, जिन्हें प्रसव के समय दिक्कत आने की संभावना हो। इन महिलाओं का खून, पेशाब की जांच, बीपी अल्ट्रासाउंड किया जाए। ऐसी महिलाओं की निगरानी के लिए पहचान के रूप में लाल रंग का एमसीपी कार्ड दिया जाए, ताकि जांच के दौरान बड़े अस्पताल में इन महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर चेक किया जाए। सिविल सर्जन ने बताया कि इस सप्ताह का उद्देश्य प्रसव के समय मातृ मृत्यु दर को कम करना है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 तक एक लाख बच्चें पैदा करने वाली माताओं की मृत्यु दर 75 करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि इस वर्ष यह संख्या 100 है और गत वर्ष इसकी संख्या 172 थी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग प्रसव के समय मातृ मृत्यु दर के साथ-साथ शिशु दर को भी कम करना है, उनका लक्ष्य है कि जन्म के समय एक हजार के पीछे 25 बच्चों से अधिक मृत्यु हो।
इनाम में मिलेंगे 50 हजार रुपए :सीएमओ ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति गर्भ में पल रहे बच्चें की लिंग जांच करवाने की सूचना देगा तो उसे 50 हजार रुपए ईनाम दिया जाएगा तथा उस व्यक्ति का नाम भी गुप्त रखा जाएगा। उन्होंने कर्मचारियों को सजग रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो भी कैमिस्ट टीबी के मरीजों को दवाई देगा उसे भी मरीज का डाटा हर महीने उप सिविल सर्जन टीबी को भेजना होगा इसके लिए सभी को फार्मेट उपलब्ध करवाए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक लेती सीएमओ डॉ. वंदना भाटिया।