करनाल। महाबीर दल अस्पताल में रविवार सुबह एक युवक की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल के डाक्टर नर्स पर कोताही बरतने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि यदि डाक्टर लापरवाही बरतते तो युवक की जान बच सकती थी। इस दौरान युवक के इलाज में लापरवाही मौत से गुस्साए परिजनों ने महावीर दल अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की।
कुछ लोग और आ गए और जब अस्पताल में मामला काफी बिगड़ गया तो अस्पताल में भर्ती मरीजों में हड़कंप मच गया। वे डरे सहमे परिजनों सहित ड्रिप सहित अस्पताल से भाग खड़े हुए। 70 मरीजों के अस्पताल से भाग निकलने की खबर सामने आई है। भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा तो किसी तरह स्थिति को संभाला गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए पुलिस ने रोहतक पीजीआई भेज दिया है।
सुहाना निवासी पंकज के भाई बृजपाल ने बताया कि पंकज को सुबह पेट छाती में दर्द उल्टी की शिकायत हुई। उसे महावीर अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया। उसे चेकअप करने के बाद इंजेक्शन दे दिया। पंकज की तबीयत बिगड़ती चली गई। आरोप है कि डॉक्टर का कहीं पर पता नहीं था। बृजपाल ने कहा कि वह मदद मांगता रहा कि उसके भाई की तबीयत खराब है, डॉक्टरों को बुलाओ। वह उसे आईसीयू में वह स्वयं लेकर गया। जब देखा कि उसकी तबीयत में कोई सुधार नहीं है, सांस भी नहीं लिया जा रहा है, तो मैंने उसे मुंह से सांस दिया।
अस्पताल प्रशासन ने कहा कोई लापरवाही नहीं हुई : आईएमए के प्रवक्ता डॉ. राजीव गुप्ता महावीर दल अस्पताल के प्रधान कैलाश चंद गुप्ता ने बताया कि पंकज को रातभर पेट में दर्ज था, उसे बेचैनी हो रही थी। वह इलाज के लिए सुबह दस बजे अस्पताल में आया। डॉ. सचिन ने उसे चेक किया, उसे एडमिट होने के लिए कहा, लेकिन वह नहीं माना। आखिरकार उसे एडमिट किया गया। डॉक्टर द्वारा उसे दर्द का इंजेक्शन दिया गया। इसीजी करवाने के लिए ले जाया गया। लेकिन उससे भी इंकार कर दिया। इतने में तीस मिनट का समय चला गया। इस बीच उसकी तबीयत गंभीर हो गई। उसके परिजनों ने अस्पताल में तोड़फोड़ कर दी। पंकज की मौत को उन सब को अफसोस है। डॉ. सचिन ने कोई गलत काम नहीं किया।
अचानक उग्र हुए मृतक के परिजनों ने अस्पताल के मुख्य गेट पर ताला लगाने के लिए अचानक आगे बढ़ गए। इस बीच उनकी पुलिस के साथ हाथापाई हुई। इस बीच डीएसपी के साथ धक्कामुक्की भी हुई। पुलिस को थोड़ा बल प्रयोग कर मृतक के परिजनों को गेट के सामने से दूर हटाया। उन्हें पुलिस ने पकड़कर 10 मिनट बाद छोड़ दिया।
आईएमए के प्रवक्ता डॉ. राजीव गुप्ता ने कहा कि आईएमए महाबीर दल प्रशासन ने मीटिंग में फैसला लिया है कि अस्पताल में तोड़फोड़ करने वाले के खिलाफ पुलिस से कार्रवाई की मांग की जाएगी। अगर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो प्रोटेस्ट किया जाएगा। इसके लिए सोमवार को फिर से बैठक भी होगी।
आईएमए ने की बैठक : आईएमए ने भी इस मामले को लेकर बैठक की और आरोपियों पर कड़ी कारवाई की मांग की है।
पुलिस ने रोका : पुलिस ने रोष जता रहे लोगों को किसी तरह से रोका, घटना के बाद काफी देर तक बंद रहा कुंजपुरा रोड ।
(करनाल. अस्पताल में युवक की मौत के बाद हंगामा करने वालों को खदेड़ती पुलिस।)