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इरादा किया तो स्वच्छ बनी सड़क

6 वर्ष पहले
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स्वच्छतामें ईश्वर निवास करता है। इस बात को शिरोधार्य किया है सेक्टर-6 की चंद जुनूनी महिलाओं ने। इन महिलाओं ने वो काम कर दिखाया, जो पुरुष नहीं कर पाए। इन्होंने केवल अपनी सड़क को स्वच्छ-सुंदर बनाया, बल्कि नियमित रूप से सड़क को साफ रखा जाता है। पड़ोसिन महिलाओं का यह ग्रुप लोगों के सामने सफाई का आदर्श उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है जो दूसरों के लिए अनुकरणीय है।

सेक्टरों को साफ-सुथरा बनाए रखने का दावा भले ही हुडा अधिकारी करते रहे हैं, लेकिन कई सड़कों पर हुडा के कर्मचारी झाड़ू लगाने तक के लिए भी नहीं जाते हैं। इस हाल में हुडा सेक्टरों में रहने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ती हैं। लेकिन सेक्टर-6 में मकान नंबर 1317 से 1371 तक कोठियों में रहने वाली महिलाओं ने खुद खुद इस समस्या का स्थाई समाधान निकाल किया। हालांकि पहले घर के पुरुषों ने इस समस्या का हल करने का जिम्मा उठाया था, लेकिन अपनी योजना को सिरे नहीं चढ़ा पाए। इसके बाद महिलाएं सामूहिक रूप से खुद समस्या का हल करने के लिए आगे गई। जागरूक महिला अर्पणा सिंगला, प्रीति गुप्ता, अंजू अत्रेजा, दिव्या खुंगर, रंजना ढांड श्वेता रानी ने मिलकर किट्टी ग्रुप का गठन किया और अपने खर्च से पैसे निकालकर सड़क को साफ-सुथरा बनाए रखने का फैसला किया।

समाज उत्थान की अग्रणीय भावना रखने वाली इन महिलाओं का कहना है कि वे भविष्य में बेटियों की शिक्षा में मदद करने का विचार कर रही हंै। इसके लिए वे सामूहिक निधि कोष बनाएगी। इस कोष जमा रकम से पढ़ाई में उन बेटियों का सहयोग किया जाएगा जो पढ़ना चाहती हैं, लेकिन अपने परिवार की आर्थिक तंगी से उच्चशिक्षा ग्रहण करने से वंचित रह जाती हैं।

इधर, मार्केट साफ रखने के लिए दुकानदारों की पहल

कर्णपार्क ऑटो मार्केट के दुकानदार साफ-स्वच्छता को लेकर जागरूक हैं। उन्होंने अपने मार्केट में स्वच्छता का सराहनीय कदम उठाया है। सीजीसी के सहयोग से मार्केट में डस्टबिन रखे गए हैं। इस मार्केट में हर 7-8 दुकानों पर एक डस्टबिन रखवाया गया है। दुकानदार इन डस्टबिनाें का भरपूर प्रयोग करते हैं। सभी दुकानदार अपनी दुकानों से निगलने वाले वेस्ट को वैसे ही इधर-उधर सड़क पर फेंकने की बजाए डस्टबिन में डालते हैं। इसके अलावा अन्य वेस्ट मैटीरियल को भी डस्टबिन में ही डाला जाता है। सभी लोग इसे बोझ समझकर नहीं अपनी जिम्मेदारी समझकर करते हैं।

डस्टबिनरखते हैं और खुद लगाते हैं सड़क पर झाड़ू

मार्केटएसोसिएशन के प्रधान ज्ञान सिंह का कहना है कि उनकी मार्केट के दुकानदार केवल डस्टबिनों का प्रयोग करते हैं, बल्कि जब कूड़ा कलेक्शन की रेहड़ी आती है तो डस्टबिन को उठाकर खुद उसमें कूड़ा भी उड़ेलते हैं। इसके अलावा दुकानदार स्वयं ही अपनी दुकानों के आगे झाड़ू लगाते हैं। सफाई के लिए वे नगर निगम कर्मचारियों के भरोसे नहीं रहते हैं। सफाई को अपना फर्ज मानते हैं। उन्होंने कहा कि जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं सड़क पर झाड़ू लगाते हैं तो हम सब लोगों का फर्ज है कि अपने आस-पास के वातावरण को साफ सुथरा बनाए रखने के लिए खुद भी ऐसा करने के लिए आगे आएं।

करनाल . सेक्टर-6की सड़क पर खड़ी महिलाएं, जिन्होंने इसकी खुद सफाई करने की कमान संभाल रखी है।

अब औराें को करेंगी प्रेरित

दूसरोंके लिए प्रेरणा बनी यह महिलाएं पिछले एक साल से अपनी सड़क को स्वच्छ बनाकर रखे हैं। अब वे पूरे सेक्टर वासियों को अपनी सड़कों की सफाई के लिए खुद आगे आने का आह्वान करेंगी। लोगों को प्रेरित करेंगी कि वे खुद अपनी गलियों सड़कों को साफ-सुथरा बनाकर रखें।

महिलाओं का अच्छा प्रयास

महिलाओंके प्रयास से यह सड़क इतनी साफ सुथरी रहती है कि इस सड़क पर बैठकर खाना भी खाया जा सकता है। क्योंकि महिलाएं खुद सड़क की सफाई पर ध्यान रखती हैं। हर घर के आगे स्वच्छता का वातावरण रहता है। इसके अलावा इस सड़क पर हरियाली भी बनी हुई है।

सफाई वाले किए तैनात

महिलाअर्पणा सिंगला ने बताया कि उन्होंने आपसी सहमति से झाड़ू लगाने और घरों से कूड़ा उठाने वाले कर्मी को नियुक्त किया। इसके अलावा उन्होंने गली में सुरक्षा के लिए एक चौकीदार भी तैनात किया। इन तीनों व्यवस्थाओं के लिए वे प्रत्येक 360 रुपए मासिक भुगतान करती हैं।