पतंग उड़ाने की परंपरा
पतंग उड़ाने की परंपरा
करनालमें पतंग उड़ाने की परंपरा काफी पुरानी है। वरिष्ठ नागरिक एवं समाजसेवी कृष्ण लाल तनेजा ने बताया कि दरअसल बसंत पंचमी के दिन पंजाब में पतंग उड़ाने का सिलसिला शुरू हुआ था। करनाल पंजाबी बहुल्य शहर है, इसलिए यह कल्चर यहां भी डवल्प हो गया। बसंत पंचमी के दिन लोगों की नींद अल सुबह 3-4 बजे बजने वाले गानों से ही खुलती है। युवाओं की टोलियां अपने मकानों की छतों पर चढ़कर म्यूजिक सिस्टम बजाकर पतंगबाजी शुरू कर देती हैं। जैसे-जैसे दिन चढ़ता जाता है, वैसे-वैसे आसमान में केवल पतंगें ही पतंगें दिखाई देती हैं।