सड़क पर गड्ढे हैं, स्ट्रीट लाइट नहीं दुर्घटना हुई तो कौन होगा जिम्मेदार
स्ट्रीटलाइट के बिना अंधेरा रहता है। ऐसे में कोई लूटपाट की घटना हो गई या सड़कों में गड्ढों की वजह से कोई गंभीर चोटिल हो गया तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगाω। यह सवाल डीसी ने नरसी विलेज के डेवलपर से पूछा। इस पर डेवलपर को ओर से कोई जवाब देते नहीं बना। बुधवार को नरसी विलेज को सरकार द्वारा टेकओवर करने के मुद्दे को लेकर डीसी ने अधिकारियों, नरसी विलेज वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों और विलेज डेवलपरों के साथ बैठक की।
बैठक में डॉ. जे. गणेशन ने नरसी विलेज वेलफेयर एसोसिएशन प्रतिनिधि ईलम सिंह और विपुल से मामले की जानकारी ली। ईलम सिंह ने डीसी को बताया कि तो पानी की सुविधा है स्ट्रीट लाइट की। सड़कों को बुरा हाल है। पिछले दिनों कॉलोनी वासियों ने अपने खर्चे पर सड़क की मरम्मत कराई थी। रजिस्ट्री के नाम पर ब्लैकमेलिंग की जा रही है। एक अगस्त 2014 से 25 रुपए प्रति स्कवेयर यार्ड के हिसाब से लाखों रुपए वसूल चुके हैं। उन्होंने बताया कि 6 रुपए प्रति गज के हिसाब से मैंटेनेंस चार्ज वसूला जा रहा है। जनवरी 2013 को बाद डेवलपर ने कॉलोनी में कोई काम नहीं कराया है।
बैठक में नगर निगम कमिश्नर सुमेधा कटारिया, डीटीपी हितेश शर्मा, बिजली बोर्ड एक्सईएन और हुडा विभाग के अधिकारी मौजूद थे।