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अब कभी हो सकती है मानसून की विदाई

7 वर्ष पहले
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मौसम में फिर बदलाव

मौसममें अब लगातार बदलाव हो रहे हैं। पारा जहां पहले अचानक कम हो गया था अब फिर से उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया है। अगले पांच दिनों तक उमस लोगों को खूब परेशान कर सकती है। ऐसे में बड़ी बरसात की संभावना नजर नहीं रही है। दूसरी ओर मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अब किसी भी समय मानसून की विदाई हो सकती है।

अमूमन प्रदेश से मानसून 30 सितंबर के आस-पास विदाई लेता है। अबकी बार आईएमडी की ओर से पहले ही यह घोषणा कर दी गई थी कि मानसून सामान्य से कम रह सकता है। प्रदेश में दो जुलाई को मानसून ने दस्तक दी थी। हालांकि यह समय पर आया था। लेकिन एक जून से 16 सितंबर तक प्रदेश में 54 फीसदी तक बरसात कम हुई है। इससे जहां प्रदेशभर में काफी एरिया बिना बिजाई या रोपाई के खाली रह गया है। वहीं जिलेभर में भी इसका असर पड़ा है। कृषि विभाग पहले ही कह चुका है कि इस बार किसानों को प्रति एकड़ धान पर पांच से सात हजार रुपए अतिरिक्त राशि खर्च करनी पड़ी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की विदाई का समय लगभग नजदीक है। अब मुश्किल से 13 दिन का समय बाकी है। इससे पहले भी यह विदाई ले सकता है। हालांकि कई बार यह अक्टूबर माह तक भी प्रदेश में डटा रह जाता है। इससे बरसात लगातार होती रहती हैं।

अब तक 54 % कम

मौसमवैज्ञानिकों का कहना है कि अब तक प्रदेश में करीब 54 फीसदी तक कम बरसात दर्ज की गई है। अब तक 202.1 एमएम बरसात प्रदेश में हुई है, जबकि सामान्य बरसात इस अवधि में 442.7 एमएम होती है। पड़ोसी राज्य पंजाब में अब हालात काफी सुधरे हैं और यहां पर सामान्य से 47 फीसदी कम बरसात हुई है। राजस्थान में इस बार सामान्य से अधिक बरसात दर्ज की जा चुकी है। फिलहाल बरसात होने के चांस कम ही नजर रहे हैं।