हिंदी विश्व के माथे की बिंदी : अनीता
करनाल | एसएसइंटरनेशनल सीनियर सैकेंडरी स्कूल में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर दसवीं कक्षा की छात्रा सिमरण ने हिंदी भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी विश्व के माथे की बिंदी है, जिसकी चमक फीकी पड़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि हमें विश्व में इसकी चमक को बनाए रखना है तो हिंदी को केवल एक नहीं नहीं पूरे वर्ष सम्मान देना होगा। इस अवसर पर शिक्षा पद्धति में मातृभाषा का प्रयोग विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता भी कराई गई। बच्चों ने कविता के माध्यम से भी हिंदी भाषा के महत्व को बताया। हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. अनीता शर्मा ने कहा कि जब स्वामी विवेकानंद ने पहली बार शिकागो के धर्म सम्मेलन में भाइयों और बहनों कहकर वहां के लोगों को संबोधित किया था तो 10 मिनट तक विदेश धरती पर तालियां बजती रही थी।