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डाउनलोड करेंघरौंडा। राजकीय महाविद्यालय परिसर में डीआईजी ट्रैफिक हाईवे आरटीए करनाल के सयुंक्त तत्वाधान में प्रदेश को दुर्घटना बनाने के उद्देश्य से त्रासदी नाटक का मंचन किया गया। रंग कर्मियों ने नाटक के जरिए कॉलेज के विद्यार्थियों को बताया कि किस तरह प्रदेश की सड़कों पर हो रहे हादसों के कारण आमजन को बड़ी त्रासदी का शिकार होना पड़ रहा हैं। रंग कर्मियों ने आह्वान किया कि यदि समय के रहते हम नहीं चेते तो एक दिन ऐसी कोई सड़क नहीं होगी जो हमारे सुरक्षित सफर की गांरटी होगी। नाटक से प्रभावित कॉलेज के 750 विद्यार्थियों ने शपथ ली कि वे केवल ट्रैफिक नियमों का पालन करेंगे, बल्कि समाज में लोगों को भी जागरूक करेंगे। सिर्फ कानून नहीं है समाधान : सड़क सुरक्षा परिषद के सदस्य राजीव रंजन ने कहा कि केवल कानून समाधान नहीं है। हम सबका यह कर्तव्य बनता है कि समाज को यातायात जागरूकता की आचार संहिता से जोड़े। इसी तरह हरियाणा की शैक्षणिक संस्थाओं में यातायात शिक्षा को अनिवार्य किया जाए। एक एवरेज के मुताबिक सात माह में 2472 लोगों की मृत्यु हुई जिसमें से अधिकतम 20 से 40 वर्ष के बीच नागरिक शिकार हुए हैं। उन्होंने कहा साहित्य का कार्य अपने समय के समकालीन प्रश्नों को रचना का आधार बनाना होता है। विडंबना है कि वर्तमान साहित्य समाज इन चुनौतियों को आधार नहीं बना रहा। शिक्षा में शामिल हो यातायात नियम कॉलेजप्राचार्य डाॅ. एसके गुप्ता ने परिसर में रोड सेफ्टी क्लब के गठन की घोषणा की और उन्होंने का यह क्लब वर्ष भर सड़क सुरक्षा गतविधियों को आयोजित करेगा। उन्होंने कहा कि यातायात शिक्षा नई पीढ़ी के लिए अध्यायन हेतू अनिवार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने रंग कर्मियों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि आज कॉलेज प्रांगण में सड़क सुरक्षा ऐसा विमर्श आयोजित हुआ है जिसके दूरगामी परिणाम सामने आएंगे। इस अवसर पर सरिता आर्य, दलजीत सिंह, वीरेंद्र दलाल, नरेश, ढांडा, सुरेश कुमार, सुभाष तोरान, मुकेश कुमार, सुनील शर्मा सहित शिक्षक विद्यार्थी रहे। रंग कर्मियों ने दिखाया कि किस तरह से सड़क दुर्घटना में अकाल मृत्यु के बाद किस तरह से उनके परिजन तड़पते हैं। नाटक में प्रस्तुत किया गया कि नई नवेली दुल्हन को लेकर घर वापस लौटते समय एक कार हाइवे पर दुर्घटना ग्रस्त होती है और नई नवेली दुल्हन के माथे से सिंदूर मिट जाता है। कुरीतियों के चलते समाज में दुर्घटना का जिक्र होकर दुल्हन को दोष दिया जाता है। नाटक में रंग कर्मियों ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे पूरी तरह से ट्रैफिक नियमों को अपने जीवन में अपनाएं। डीआईजी ट्रैफिक एवं हाइवे शिवास कविराज ने बताया अभियान का समापन गांधी जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय विमर्श के आयोजन से होगा। कॉलेज प्रांगण में दरखतों की छांव के नीचे सड़क सुरक्षा परिषद के सदस्य राजीव रंजन की देख रेख में रंग कर्मियों द्वारा प्रस्तुत किए त्रासदी नाटक में प्रयोग किए गए शब्दों से विद्यार्थी कायल हो गए। जैसे ही रंग कर्मी साक्षी ने ठेठ हरियाणवी लय में रामू काका को पुकारा तो विद्यार्थी अपने आपको रोक नहीं पाए। रामू काका की भूमिका अदा कर रहे रंग कर्मी नितिन के जवाब ने विद्यार्थियों को नाटक के प्रति और भी आकर्षित कर दिया। करीब 25 मिनट तक चले इस मंचन की जीवंत प्रस्तुति से विद्यार्थी भाव-विभोर हो उठे।
घरौंडा. त्रासदीनाटक के मंचन के बाद शपथ लेते विद्यार्थी अन्य। घरौंडा. विद्यार्थियोंको शपथ दिलाते राजीव रंजन। |
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