करनाल। मानसून की विदाई का समय गया है। अगले तीन से चार दिनों की अवधि में यह उत्तर-पश्चिमी भारत से विदाई लेने लगेगा। जबकि हिमालय की तराई वाले इलाकों में विदाई भी साथ ही शुरू हो सकती है। मानसून को प्रदेश में दस्तक दिए 77 दिन का समय हुआ है। प्रदेश में जून से सितंबर माह तक मानसून को काउंट किया जाता है। अब तक प्रदेश में सामान्य से 54 फीसदी तक कम बरसात आंकी गई है। जिसका दंश प्रदेश के करीब 15.50 लाख किसानों को सूखे के रुप में झेलना पड़ा है।
कृषि विभाग ने इस बार प्रदेश में 30.71 लाख हेक्टेयर एरिया में खरीफ की बुआई का लक्ष्य निर्धारित किया था। इसमें से करीब तीन लाख हेक्टेयर एरिया खाली रह गया था। खासकर बाजरा की बिजाई बरसात कम होने के कारण कम हो पाई है। अन्य कई फसलों की बिजाई पर सूखे की वजह से काफी असर पड़ा है। इससे उत्पादन का लक्ष्य भी प्रभावित हो सकता है।
सबसेसूखे हरियाणा-दिल्ली-चंडीगढ़ : आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार अबकी बार देश में हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली सबसे सूखे इलाकों में शामिल रहे हैं। यहां पर 54 फीसदी कम बरसात हुई है, वहीं पंजाब में 47 फीसदी कम, पश्चिमी यूपी में 54 फीसदी कम, हिमाचल प्रदेश में 34 फीसदी कम, उत्तराखंड में 25 फीसदी कम बरसात हुई है, जबकि राजस्थान में तीन से चार फीसदी अधिक बरसात हो चुकी है। समूचे देश में 11 फीसदी तक कम बरसात हुई है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले छह से सात दिन तक आसमान साफ रह सकता है। हालांकि कहीं-कहीं छींटे भी पड़ सकते हैं, लेकिन बड़ी बरसात की संभावना से मौसम वैज्ञानिक इनकार कर रहे हैं। अब मौसम मेनली ड्राई रहने की संभावना बन गई है। यानि शुष्क दिन लग चुके हैं। इससे बरसात की संभावना बहुत कम हो गई है।
202.1एमएम हुई है बरसात: आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार एक जून से 17 सितंबर तक प्रदेश में 202.1 एमएम बरसात हुई है। जबकि 442.7 एमएम बरसात होनी चाहिए थी। यानि करीब 54 फीसदी बरसात कम हुई है। अबकी बार प्रदेश में किसानों ने 11.41 लाख हेक्टेयर एरिया में धान की फसल लगाई है। कृषि विभाग पहले ही बता चुका है कि सूखे के कारण प्रति एकड़ किसानों को 5 से 7 हजार रुपए तक अतिरिक्त राशि करनी पड़ी है।
अब मानसून की विदाई
कईबार मानसून अक्टूबर माह तक रह जाता है, इससे काफी बरसात भी हो जाती है। लेकिन अमूमन यह सितंबर माह के अंत में ही लौट जाता रहा है। चतरसिंह मलिक, पूर्वनिदेशक आईएमडी दिल्ली।
MD मतलब मैनली ड्राई
सात दिन तक आसमान साफ
खरीफ का टारगेट भी नहीं हुआ पूरा
आईएमडी नेकहा उत्तर-पश्चिमी भारत से शुरू होगी विदाई।
54 फीसदी तक कम बरसात हुई है प्रदेश में अब तक बारिश।