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बैठक 3 घंटे, प्रस्ताव 35, िवकास होंगे 27 करोड़ के

6 वर्ष पहले
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पांचमाह बाद पहली बार नगर निगम हाउस की हंगामेदार मीटिंग हुई। मीटिंग में अपने-अपने वार्ड में विकास कार्यों को लेकर पार्षद मुखरित हुए। कई पार्षदों ने तो पहले से एजेंडा दिए जाने पर मीटिंग शुरू होने से पहले ही हंगामा कर दिया। आखिरकार खींचतान, तर्क-वितर्क और सवाल-जवाबों में बीच 35 में से 33 प्रस्तावों को ज्यों का त्यों पास किया गया, जबकि दो प्रस्ताव को थोड़ा बदलाव के साथ पास किया गया। 3 घंटे चली मीटिंग में 35 प्रस्तावों के साथ-साथ तकरीबन 27 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्यों को हाउस ने हरी झंडी दे दी।

भाजपा की नई सरकार के शासन ने पहली बार हुई मीटिंग में पार्षदों के तेवर कड़े रहे। प्रस्तावित एजेंडा पर बातचीत शुरू होने से पहले ही पार्षद इस बात पर उखड़ गए कि हाउस की मीटिंग तो बुला ली गई है, लेकिन उन्हें पहले से एजेंडा नहीं भेजा गया। वार्ड-14 के पार्षद विनोद तितोरिया ने कहा कि उन समेत चार पार्षदों को एजेंडा नहीं मिला है। इस बात पर अन्य पार्षदों ने भी अनदेखी का आरोप लगाकर उनकी आवाज को बुलंद किया। इसका जवाब अधिकारियों से देते नहीं बन रहा था। इसके साथ मीटिंग की देरी पर खुद डिप्टी मेयर मनोज वधवा ने कड़ा ऐतराज किया। उन्होंने कहा कि नगर निगम के चुनाव को लगभग दो साल होने को हैं, लेकिन अभी तक यह चौथी मीटिंग है। इस बात पर कमिश्नर को कहना पड़ा कि आगे हर महीने मीटिंग बुलाई जाएगी तथा मेयर रेणुबाला गुप्ता ने कहा 15 दिनों में एक इनफॉर्मल मीटिंग भी हर महीने होगी।

आॅब्जेक्शन के बाद किया प्रस्ताव पास

फायरस्टेशन स्टाफ के प्रस्ताव पर पार्षदों ने खूब जिरह की। इस प्रस्ताव को पास करने पर पार्षद एक बार तो जैसे अड़ गए, लेकिन जब ईओ धीरज कुमार ने कहा कि जल्द ही फायर डिपार्टमेंट अलग बनने वाला है, इसलिए हमें तो प्रस्ताव पास करके सरकार को भेज देना है। इसके बाद ही पार्षद शांत हुए।

टैक्स वसूली का मामला गर्माया

मीटिंगमें जब संपत्ति कर के बिल भिजवाने तथा छूट की अवधि बढ़वाने के प्रस्ताव का नंबर आया तो पार्षदों ने कहा कि टैक्स की बात होती है, लेकिन एनडीआरआई समेत कई सरकार संस्थानों पर करोड़ों रुपए का टैक्स बकाया है, उसे क्याें नहीं वसूला जा रहा है।

क्षेत्रों के विकास पर पार्षदों में खींचतान

इसबार की मीटिंग में शहरी ग्रामीण क्षेत्राें में विकास कार्यों के मुद्दे पर पार्षदों में वाकयुद्ध चला। जब गांवाें में तालाबों चौपालों के जीर्णोंद्वार की बात उठी तो सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग ने कह दिया कि अभी गांव के काम छोड़ दो। इस पर वार्ड 20 के पार्षद ने तुरंत आॅब्जेक्शन उठा दिया।

क्षेत्रों में लाइटें लगाने पर तैश में आए पार्षद

स्ट्रीटलाइटों के लिए जब 16,15,300 रुपए का सामान खरीदने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई तो वार्ड-5 20 के पार्षद कमलेश लाठर जोगेंद्र चौहान ने कहा कि जो लाइटें पहले से लगाई गई हैं वे भी अभी तक नहीं जल रही हैं। उनके कनेक्शन नहीं किए गए हैं। जोगेंद्र चौहान ने कहा कि इन गांवों से 50 लाख रुपए ठेके के रूप में मिलते हैं। लेकिन फिर भी इन्हें सुविधा नहीं। इसके साथ ही कई पार्षदों ने कहा कि पिछली मीटिंग के कार्य भी अभी तक नहीं हुए हैं।

सड़क पर नगर निगम का पैसा क्यों?

पीडब्ल्यूडीकी सड़क पर नगर निगम द्वारा सड़क निर्माण में पैसे खर्च करने पर भी ऐतराज जताया गया। मनोज वधवा ने कहा कि रेलवे रोड हांसी रोड पर नगर निगम के पैसे से सड़कें बनाई गई हैं, जबकि हुडा सेक्टरों में नियमों का हवाला देकर एक पैसा भी नहीं लगाया जा रहा है। इस मुद्दे पर सुजाता अरोड़ा ने भी कहा कि फिर तो हुडा सेक्टरों भी नगर निगम की तरफ से विकास कार्य होने चाहिए।

मेयर ने उठाया लिफ्टिंग में देरी का मुद्दा

नगरनिगम की मेयर रेणु बाला गुप्ता ने हाउस की मीटिंग में कूड़ा लिफ्टिंग में होने वाली देरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वे हर माह 22 लाख रुपए ठेकेदार को मात्र कूड़ा लिफ्टिंग के लिए देते हैं। उन्होंने कहा कि कई अन्य लोग कम पैसे में इस कार्य को बेहतर ढंग से करने बात कर रहे हैं, क्या इस ठेकेदार को बदल दिया जाए तो हाउस में बैठेे पार्षदों ने एक सुर में कहा कि जो पैसे कम ले और काम बढ़िया करे उसी को देना सही रहेगा।

कार्य शामिल करने पर गुस्साए कई पार्षद

वार्ड-13पार्षद सुदेश गुलाटी सहित कई पार्षद विकास कार्यों की लिस्ट में अपने वार्ड के विकास कार्य शामिल किए जाने पर गुस्साए। उन्होंने कहा कि छह माह में तो अब मीटिंग हो रही है। अगली मीटिंग फिर छह माह में हुई तो उनके वार्डों के विकास कार्य कब होंगे। इस बात पर 25 फरवरी को स्पेशल मीटिंग करने का निर्णय लिया गया, लेकिन पार्षदों को 15 फरवरी तक अपेक्षित विकास कार्यों की लिस्ट नगर निगम कार्यालय में देनी होगी।

ये पार्षद रहे उपस्थित

मेयररेणु बाला गुप्ता ने हाउस की मीटिंग की अध्यक्षता की, जिसमें सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग, डिप्टी मेयर मनोज वधवा, शीला देवी, सोनिया पंडित, कुमुदबाला अग्घी, सुजाता अरोड़ा, कमलेश लाठर, यशपाल मित्तल, दर्शन लाल कालड़ा, विनोद तितोरिया, सुरेश गुलाटी, रामचंद्र काला, जोगेंद्र चौहान मोहित कांबोज आदि उपस्थित रहे। नगर निगम की तरफ से कमिश्नर अरविंद्र मल्हान, ईओ धीरज कुमार, एक्सईएन, एसडीओ जेई के अलावा सिविल सर्जन जेएस ग्रेवाल, नगर सुधार मंडल के एक्सईएन महिपाल सिंह उपस्थित रहे।

{शहर में साफ-सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए 10 डस्टबिन बड़े 50 छोटे, 200 रिक्शा, 300 हाथ रेहड़ी, 10 छोटे टेंपू, 10 ट्रैक्टर-ट्रॉली तीन लोडर खरीदें जाएंगे।

{संपत्ति कर के बिल भिजवाने तथा 10 प्रतिशत छूट की अवधि बढ़वाने के लिए सरकार को पत्र लिखा जाएगा।

{फील्ड में गाड़ी पर चलने वाले प्रत्येक कर्मचारी को 50 लीटर पैट्रोल प्रतिमाह और साइकिल पर चलने वालों 300 रुपए मेंटीनेंस खर्च मिलेगा।

{नगर निगम के भवन निर्माण के लिए नक्शा नवीस सलाहकार फर्म नियुक्त की जाएगी।

{नगर निगम करनाल की जिप्सी मारुति एचआर 05ई 3737 को कंडम घोषित किया गया।

{नगर निगम करनाल की बोलेरो एचआर 45ए 0355 को कंडम घोषित किया गया।

{सफाई कर्मचारियों को कार्य के दौरान सुरक्षा के उपकरण दिए जाएंगे।

{कर्मचारियों को एलटीसी देने की राशि सरकारी नियमों के अनुसार बढ़ाई जाएगी।

{दमकल केंद्र के लिए स्टाफ की नियुक्त की जाएगी, जिस पर लगभग 25 लाख रुपए मासिक खर्च आए।

{दमकल केंद्र करनाल के लिए वाहन उपकरण खरीदे जाएंगे।

{नगर निगम सीमा में आवाराा पशुओं लिए पशु बाड़ा बनाया जाएगा, लेकिन पहले समिति का गठन कर जगह का चयन किया जाएगा।

{नगर निगम चल-अचल संपत्ति रिकार्ड रिकार्ड को कंप्यूटरीकृत किया जाएगा।

{स्ट्रीट लाइटों की रिपेयर के लिए 16,15,300 रुपए का सामान खरीदा जाएगा।

{रामनगर डिस्पेंसरी के पास पड़ी खाली जमीन में मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बनाया जाएगा।

{सिटी बस सर्विस कांट्रेक्ट बेस पर उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए 6 रूटों पर 12 बसें चलाई जाएंगी।

{आवार कुत्तों की नसबंदी के लिए आप्रेशन थियेटर बनाया जाएगा।

{शहर में मुख्य मार्गों मार्केटों में शौचालय बनवाए जाएंगे।

{अशोक नगर में पेयजल ट्यूबवेल लगवाने के लिए जगह दी जाएगी।

{शहर में विभिन्न 128 विकास कार्यों पर तकरीबन 27 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

{निगम क्षेत्र का जीआईएस आधारित भौतिक सर्वे कराया जाएगा।

{खुले में घूमने वाले सुअरों के मालिकों पर प्रति सुअर 2 हजार जुर्माना लगेगा।

{स्लम बस्तियों काे चिन्हित कर उनके विकास का प्रोजेक्ट बनाकर सरकार को भेजा जाएगा।

{अधिकारियों के लिए खाली पड़ी सरकारी भूमि पर क्वार्टर बनाए जाएंगे।

{काछवा रोड कैथल रोड पर फड़ी मार्केट बनाई जाएगी।

{हांसी रोड बजीदा रोड के टी प्वाइंट का नाम गुरु ब्रह्मानंद के नाम पर रखा जाएगा।

{नगर निगम कार्यालय के लिए 10 लाख रुपए का फर्नीचर खरीदा जाएगा।

{एनआईसी कॉलोनी, रंजीत एनक्लेव अशोक नर्सरी कॉलोनी में नगर निगम में शामिल किया जाएगा।

करनाल . नगरनिगम की बैठक में उपस्थित मेयर रेनु बाला गुप्ता अन्य पार्षद।