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रिकॉर्ड पंचकूला, उर्दू का जानकार नहीं, भटक रहे लोग

6 वर्ष पहले
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पेंशनपासपोर्ट बनवाने के लिए जब अधिकारियों ने जन्म प्रमाण पत्र मांगा तो इसकी अहमियत पता चली। सिविल सर्जन कार्यालय गए तो दो दिन फार्म भरने में बीत गए। क्लर्क ने बताया कि 15 दिन में मिलेगा। 15 दिन बाद जब कार्यालय में गए तो पता चला कि अभी नहीं बना। फिर नई तारीख दे गई, जो कि अब छह माह बीतने के बाद भी तारीखें मिलने का क्रम जारी है। यह कहानी कुटेल गांव से आए सतपाल की है। ऐसा ही हाल है करनाल जिले के सैकड़ों लोगों का, जो जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र लेने के लिए सिविल सर्जन कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।

नॉलेज : ये है प्रक्रिया

1995से लेकर अब तक का रिकॉर्ड कंप्यूटराइज्ड है, जबकि उससे पहले के रिकॉर्ड को कंप्यूटराइज्ड करने की प्रक्रिया जारी है। वर्ष 1965 से पहले का रिकाॅर्ड उर्दू में दर्ज है, जबकि 1965 के बाद से अब तक का रिकाॅर्ड हिंदी में दर्ज है। जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए सिविल सर्जन कार्यालय में आवेदन करना होता है। इसके लिए एक फार्म 50 रुपए में सिविल सर्जन कार्यालय से ही मिलता है। यह फार्म भरकर आपको सिविल सर्जन कार्यालय में ही जमा कराके रसीद लेनी होती है। फार्म जमा कराने के 15 दिन बाद आपको प्रमाण पत्र मिलना होता है।

^उर्दू पढ़ने वाला कोई कर्मचारी हाेने के कारण दिक्कतें रही थीं। अब कर्मचारी मिल गया है तो दिक्कतें कम हो जाएंगी। वेटिंग के पीछे रिकाॅर्ड का पंचकूला जाना भी एक कारण है। रिकाॅर्ड जल्दी मंगवाकर प्रमाण पत्र देने के काम में तेजी लाई जाएगी। जितेंद्रसिंह ग्रेवाल, सीएमओ, करनाल।

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^मैं अपनी बहन मेवा देवी का जन्म प्रमाण पत्र लेने के लिए सिविल सर्जन कार्यालय के चक्कर लगा रहा हूं। पेंशन बनवाने के लिए जन्म प्रमाण पत्र की जरूरत है। इसके लिए 11 नवंबर 2014 को आवेदन किया गया था। तीन माह से बस तारीख ही मिल रही है। सतपाल,कुटेल गांव निवासी

^मैं अपनी बहन ऊषा के जन्म प्रमाण पत्र के लिए पिछले छह माह से सिविल सर्जन कार्यालय के चक्कर लगा रहा हूं। पासपोर्ट बनवाने के लिए इसकी जरूरत है, लेकिन अधिकारी कह रहे हैं कि हमारा रिकाॅर्ड ही नहीं मिल रहा। मैंने 8 अगस्त 2014 को आवेदन किया था। विनय,कैलाश गांव निवासी

^मैंने अपनी सास का जन्म-प्रमाण पत्र लेने के लिए 29 अगस्त 2014 को आवेदन किया था। पिछले पांच माह से चक्कर लगा रहा हूं, लेकिन केवल आश्वासन मिल रहा है। मेरी सास परमेश्वरी देवी को जन्म प्रमाण-पत्र की जरूरत पेंशन बनवाने के लिए है। रामगोपाल,सौकरा गांव निवासी

नहीं मिल रहा था उर्दू पढ़ने वाला

सिविलसर्जन कार्यालय में 1965 से पूर्व का सारा रिकाॅर्ड उर्दू में है। अगर इससे पूर्व का कोर्इ जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र लेने के लिए आता है तो उर्दू पढ़ने वाले की मदद ली जाती है। पिछले काफी समय से उर्दू पढ़ने वाला कोई कर्मचारी कार्यालय को नहीं मिल रहा था। इसकी वजह से लोगों को यहां पर चक्कर काटने पड़ रहे हैं। सप्ताहभर पूर्व एक कर्मचारी को डीसी रेट पर रखा गया है।