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लगेंगे कट, होगा फाल्ट 40 करोड़ का एस्टीमेट तैयार
निगमने सर्कल में बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए 40 करोड़ रुपए का एस्टीमेट तैयार किया है। इससे जिले में बिजली के लगने वाले अघोषित कट लाइनों में फाल्ट के कारण लगने वाले कटों से काफी हद तक उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।
निगम प्रशासनिक अधिकारियों ने एस्टीमेट बनाकर हेड क्वार्टर पंचकूला भेजा है। काबिलेगौर है कि उत्तर हरियाणा विद्युत बिजली वितरण निगम ने हर सर्कल में बिजली व्यवस्था में आमूल चूल परिवर्तन करने के लिए एस्टीमेट मांगें हैं ताकि एस्टीमेट के हिसाब से हर सर्कल में बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए बजट उपलब्ध कराया जा सके। पंचकूला से हरी झंडी मिलते ही जिले में नए ट्रांसफार्मर रखने के साथ-साथ बिजली फीडरों में सुधार होगा। सरकार द्वारा शुरू की गई दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई) एवं बिजली विकास योजना (आईपीडीएस) के तहत बिजली व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा।
जर्जर लाइनों का होगा सुधार
शहरया ग्रामीण क्षेत्र जहां पर भी बिजली की तारें जर्जर हैं, सभी जगहों पर सुधार होंगे। अधिकारियों का मानना है कि जर्जर तारें बिजली के फाल्ट का मुख्य कारण बनते हैं। इन्हें सुधारने की सबसे ज्यादा जरूरत है।
^दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई) एवं बिजली विकास योजना (आईपीडीएस) के तहत बिजली व्यवस्था सुधारने की योजना बनाई गई है। इसके लिए करनाल सर्कल से 40 करोड़ रुपए का एस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय भेजा गया है। टीकेमहाजन, अधीक्षक अभियंता, बिजली निगम।
जिले में जरूरत
सिंगलफेज मीटर बदलने के लिए 64826 थ्री फेज के लिए 1874 मीटरों की जरूरत है। करनाल में 11 केवी के 82 33 केवी के 53 फीडर हैं। इनमें भी जहां पर जरूरत होगी क्षमता के अनुसार ही लोड बढ़ाए जाएंगे।
ग्रामीण और शहर के अलग फीडर, 20% सरकार देगी
दीनदयालउपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई) एवं बिजली विकास योजना (आईपीडीएस) की शुरुआत प्रधानमंत्री द्वारा की गई है। इनके अंतर्गत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में घरेलू कृषि के लिए आपूर्ति की जाने वाली बिजली के लिए अलग-अलग फीडर की व्यवस्था की जाएगी। प्रदेश को लगभग 20 फीसदी राशि ही खर्च करनी होगी। बाकी की राशि केंद्र सरकार द्वारा वहन की जाएगी।
गर्मी में बिजली खपत
{कुलएक करोड़ यूनिट से अधिक होती है खपत।
{उद्योग 15 लाख यूनिट की खपत
{शहर 30.90 लाख यूनिट
{ग्रामीण 24.20 लाख यूनिट की खपत होती है।
{खेत 19.15 लाख यूनिट
सर्दी के मौसम में बिजली की खपत
{उद्योग10 लाख यूनिट
{शहर 20.30 लाख यूनिट
{ग्रामीण 25.80 लाख यूनिट
{खेत 15.30 लाख यूनिट
{कुल 70 लाख यूनिट लगभग
गर्मी में बिजली डिमांड बढ़ जाती है। सर्दी में प्रतिदिन 50 लाख यूनिट गर्मी में एक करोड़ यूनिट तक बिजली की डिमांड होती है। बिजली निगम 65 से 70 लाख यूनिट ही उपलब्ध करा पाता है। लगातार बिजली उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में पुराने बिजली संसाधनों पर लोड लगातार बढ़ रहा है और उनकी क्षमता कम होती जा रही है। गर्मी के सीजन में अघोषित कट लगने की समस्या पैदा होती है। बिजली लाइन में फाल्ट और ट्रांसफार्मर में खराबी होने से बिजली प्रभावित होती है। नई योजना के तहत बिजली संसाधनों को अपडेट किया जाएगा। गर्मी के सीजन तक इसमें सुधार की उम्मीद है।