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स्वाइन फ्लू : हौव्वा बनाएं, पर सावधानी बरतने की जरूरत है
स्वास्थ्य विभाग ने किए हैं पुख्ता इंतजाम
विक्रमबनेटा | करनाल
स्वाइनफ्लू का नाम आते ही लोगों की वैसे ही कंपकंपी छूट जाती है, लेकिन अगर सावधानी रखी जाए तो इससे बचा जा सकता है। फिलहाल करनाल स्वाइन फ्लू की जद में है, जिसके चलते जिले के लोगों को और अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।
करनाल जिले में अब तक स्वाइन फ्लू से दो लोगों की माैत हो चुकी है, जबकि चार लोगों में यह पॉजीटिव पाया गया है, जिनका इलाज चल रहा है। विभाग के तमाम दावों के बावजूद हर दिन कोई कोई केस सामने रहा है, जिससे साफ है कि सीएम सूबे की आबो-हवा में स्वाइन फ्लू का वायरस अभी है।
शिकारहुए लोग
स्वाइनफ्लू से शिवनगर निवासी राजेंद्र कटाबाग निवासी कैलाश की मौत हो चुकी है। जांबा गांव निवासी बूटा सिंह, बीबीपुर का बसंता, श्यामगढ़ की राजदुलारी और संघवा की अमरजीत कौर स्वाइन फ्लू की चपेट में हैं और उनका इलाज चल रहा है। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पूरी एहतियात बरतने की जरूरत है।
^स्वाइन फ्लू से घबराने की लोगों का कोई जरूरत नहीं है। स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। अगर किसी भी व्यक्ति को इस तरह के लक्षण नजर आते हैं तो वे कल्पना चावला मेडिकल काॅलेज राजकीय अस्पताल में तुरंत संपर्क करें। विभाग के पास अलग वार्ड से लेकर वेंटिलेटर तक सभी प्रबंध हैं। जितेंद्रसिंह ग्रेवाल, सीएमओ, करनाल।
सी- कैटेगरी
{तेजबुखार, सांस में परेशानी, छाती में दर्द, ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव, नाखून नीले होना, थूक में खून। इन लक्षणों के होने पर तुरंत टेस्ट कराएं।
{ दवा और टेस्ट कराना बहूत है जरूरी, मरीज को अस्पताल में दाखिल हों जाने की जरूरत।
बी- कैटेगरी
{वी-1में तेज बुखार, गले में तेज दर्ज खराश। इसमें टेमीफ्लू दवा ले सकते हैं।
{वी-2 कैटेगरी में तेज बुखार गले में तेज दर्द होता है। यह गर्भवती महिलाएं, लंग्स, हार्ट, कैंसर, लीवर किडनी मरीजों के लिए है।
{ इसमें डाॅक्टर की सलाह से दवा की जरूरत विशेष सावधानी बरतने की जरूरत।
ए-कैटेगरी
{हल्काबुखार, खांसी, गले में हल्का दर्द।
{दवा और स्वाइन फ्लू के टेस्ट की जरूरत नहीं।
{घर से बाहर निकलें और एहतियात के तौर पर डाॅक्टर को दिखाएं।
मरीजों के परिजनों को बांटी जा रही है दवा
स्वाइनफ्लू से प्रभावित परिवारों को टेमीफ्लू दवा का वितरण किया जा रहा है। जिन परिवारों के व्यक्ति अब तक स्वाइन फ्लू के शिकार हो चुके हैं, उनके परिजनों को दवा दी जा चुकी है। इसके अलावा लोगों को बताया जा रहा है मरीजों से दूरी बनाकर रखें तथा हाथ मिलाने से परहेज करें।
स्वाइन फ्लू के लिए विभाग के इंतजाम
स्वाइनफ्लू को लेकर विभाग द्वारा कल्पना चावला राजकीय मेडिकल काॅलेज अस्पताल में अलग से वार्ड बनाया गया है। अस्पताल में स्वाइन फ्लू से संबंधित सभी एंटीबायोटिक दवाएं मौजूद हैं। अगर किसी भी व्यक्ति में स्वाइन फ्लू के लक्षण का आभास होता है तो उसे तुरंत दाखिल कर, उसका सैंपल लेकर जांच के लिए चंडीगढ़ भेज दिया जाता है। रिपोर्ट आने तक उसे अन्य लोगों से अलग रखा जाता है। इसी दौरान उसे टेमीफ्लू भी देना शुरू कर दी जाती है।
वेटिलेंटर का खर्च उठा रहा है विभाग
सामान्यअस्पलाल में वेंटिलेटर की सुविधा नहीं है, लेकिन स्वाइन फ्लू पीड़ितों का इलाज सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला स्वास्थ्य अधिकारियों ने शहर के तीन प्राइवेट अस्पतालों से टाइअप किया हुआ है। वेंटिलेटर की जरूरत पड़ते ही उन्हें शहर के चिराए चैरिटेबल अस्पताल, महावीर दल अस्पताल, अमृतधारा अस्पताल में भेज दिया जाता है। अगर यहां भी बात नहीं बनती तो विभाग की ओर से उन्हें चंडीगढ रेफर कर दिया जाता है। स्वाइन फ्लू के मरीजों का पूरा खर्च विभाग उठा रहा है।