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एक संस्थान की संपत्ति की अटैच

5 वर्ष पहले
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करनाल. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की ओर से श्रमिकों व कर्मचारियों की भविष्य निधि की राशि जमा न कराने वाले 795 डिफॉल्टर संस्थान व प्रतिष्ठानों के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है। जो संस्थान या प्रतिष्ठान पीएफ की बकाया राशि जमा नहीं कराएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस कड़ी में संगठन ने 8 संस्थानों के नियोक्ताओं के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी कर दिए हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की ओर से प्राइवेट सेक्टर में कार्यरत श्रमिक, मजदूरों व कर्मचारियों की भविष्य निधि की राश जमा की जाती है।
प्रत्येक संस्थान व प्रतिष्ठान को अपने अधीन कार्यरत कर्मचारियों की पीएफ राशि ईपीएफओ कार्यालय में जमा कराना होती है। पिछले कई सालों से नियोक्ताओं को यह राशि ऑनलाइन जमा कराने की सुविधा भी प्रदान की हुई है। लेकिन बहुत से ऐसे संस्थान व प्रतिष्ठान सामने आए हैं, जिन्होंने अपने कर्मचारियों की यह राशि जमा नहीं कराई है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने एेसे प्रतिष्ठानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की शुरुआत कर दी है।
नियम के मुताबिक 12 प्रतिशत सदस्य और 12 प्रतिशत नियोक्ता को देना होता है फंड
एक संस्थान की संपत्ति की अटैच
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की ओर से 795 डिफॉल्टर संस्थानों को बकाया राशि जमा कराने के नोटिस जारी किए गए हैं। 172 स्थापनाओं के बैंक खाते अटैच किए गए हैं। 100 संस्थानों को सर्टिफिकेट प्रोसिडिंग-25 अरेस्ट वारंट जारी करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किए। 8 संस्थानों के नियोक्ताओं के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किए गए हैं। कार्रवाई के दौरान एक संस्थान की संपत्ति को भी अटैच किया गया है। जबकि एक संस्था के नियोक्ता को कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किया गया है।
40 हजार लोग मासिक पेंशनभोगी
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के उपक्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत 8 जिले आते हैं। इनमें अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, कैथल, यमुनानगर, पंचकूला जिले शामिल हैं। इन जिलों में विभिन्न संस्थानों व प्रतिष्ठानों से 2 लाख 30 हजार कर्मचारी बतौर ईपीएफओ सदस्य पंजीकृत हैं। अगर पेंशनर्स की बात करें तो 40 हजार लोग मासिक पेंशनभोगी हैं।
सदस्य के खाते में होती है 24% राशि जमा
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के तहत 15 हजार रुपए सैलरी तक पीएफ काटा जाता है। हालांकि सरकार की ओर से इस लिमिट को बढ़ाने के कुछ संकेत मिल रहे हैं। लेकिन 15 हजार रुपए से अधिक सैलरी पर तभी पीएफ कट सकता है, जब सदस्य और नियोक्ता दोनों रजामंद हो जाएं। तो पीएफ के तौर पर 12 प्रतिशत सदस्य के वेतन से और 12 प्रतिशत नियोक्ता को देना होता है, अर्थात सदस्य के खाते में कुल 24 प्रतिशत राशि जमा होती है।
पीएफ कर्मचारी का हक
अगर कोई संस्थान किसी कर्मचारी का पीएफ जमा नहीं करा रहा है, तो उसकी शिकायत की जा सकती है। मेंबर की शिकायत मिलने पर हेड ऑफिस से लिखित में परमिशन लेते ही उस संस्थान के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। क्योंकि व्यक्ति ने एक दिन काम किया हो या फिर एक घंटे वह पीएफ का हकदार है।
ये होगी कार्रवाई
ऐसे नियोक्ताओं व फर्म के बैंक अकाउंट अटैचमेंट। } चल व अचल संपतियों की अटैचमेंट।
अटैच संपत्तियों की बिक्री।
आरोपियों की सिविल जेल में गिरफ्तारी एवं नजरबंदी।
भारतीय दंड संहिता की धारा 406/409 के तहत एफआईआर तथा मुकदमा दर्ज।
देय बकाया राशि जल्द करें जमा
''कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की ओर से चालू वर्षमें बकाया देय राशियों की वसूली के लिए अभियान चलाया जा रहा है। 795 संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं। 8 संस्थानों के नियोक्ता के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं। चूककर्ता प्रतिष्ठानों शीघ्र ही देय बकाया एवं चालू मांग राशि जमा कर कार्यालय को सूचित करें।'' -मोहम्मद शारिक, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त।
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