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'हिम्मत की उड़ान' : कुदरत ने हाथ छीने तो बांहों को बना लिया जीने का सहारा

7 वर्ष पहले
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(कटी बाजुओं से खेती के काम करता पंजाब सिंह।)
गुहला चीका (कैथल). कुदरत ने भले ही हाथ छीन लिए, लेकिन गुहला चीका के गांव अजीत नगर कसौर के 45 वर्षीय पंजाब सिंह ने हिम्मत नहीं हारी। हाथ कटने के बाद बची बाजुओं से वह न केवल अपने रोजमर्रा के काम निपटाता है। अपितु साइकिल चलाने से लेकर खेत तक के सारे काम कटी बाजुओं से कर लेता है।
पंजाब सिंह अपने पुराने दिनों को याद करके बताता है कि जब उसके यह साथ हादसा हुआ तो उस समय उसकी आयु मात्र 15 वर्ष की थी और हाथ कटने के बाद वह अपने आप को काफी लाचार महसूस कर था। उसने बताया कि वह नियमित रूप से गुरुद्वारा साहिब में जाता था वाहेगुरु से अरदास करता कि हे वाहेगुरू! अगर तुमने मुझे दुख दिया है, तो उसे इस दुख से उबरने की हिम्मत हुनर भी दे। ताकि मुझे किसी का मोहताज न होना पड़े।
पंजाब सिंह ने बताया कि बस एक दिन उसकी अरदास परमात्मा ने सुन ली और उसे अंदर ही अंदर एक ऐसी शक्ति का आभास हुआ, जिससे उसने जो 3 साल मोहताज बनकर गुजारे उस जीवन से उसे मुक्ति मिल गई। वह अपनी दिनचर्या के कार्य खुद करने लगा। उसने बताया कि वो अपने खाने पीने के अलावा साइकिल चलाना, पगड़ी बांधना, खेती के कार्य जैसे ट्रैक्टर चलाना, कस्सी चलाना, चारा काटना आदि कार्य भी बखूबी कर लेता है।
मुसीबत में बहन ने दिया सहारा
पंजाब सिंह के अनुसार चारा काटने वाली मशीन से उसके हाथ कट गए थे। कुछ समय बाद माता-पिता की मृत्यु हो गई। उसे उसकी बहन ने सहारा दिया, नतीजतन अब वह अपनी बहन चरण कौर के पास गांव अजीत नगर कसौर में ही रहता है। पंजाब सिंह को इस बात का दुख है कि उसके दोनों हाथ कट जाने के बावजूद सरकार ने कोई मदद नहीं की थी। उसने सरकारी मदद के लिए कई जगह दरवाजे खटखटाए, परंतु उसके लिए कोई दरवाजा नहीं खुला। उसने कहा कि सरकार कृषि कार्यों में हादसा हो जाने पर बड़ी-बड़ी सहायता देने के दावे करती है, परंतु उसके लिए ऐसी कोई भी योजना क्रियान्वित नहीं हो पाई, जिससे उसकी आर्थिक मदद हो जाती।
अपंगों के लिए बन सकता है आदर्श
पंजाब सिंह का हौसला आज भी बरकरार है। उसका कहना है कि बेशक सरकार ने अपंग पेंशन देने के अलावा उसकी कोई सहायता नहीं की। परंतु यदि सरकार चाहे तो वह आज भी अन्य अपंग लोगों के लिए एक आदर्श बन सकता है और अपनी जिन्दगी से हार चुके लोगों में नई हिम्मत पैदा करके उन्हें नई जिन्दगी जीने की राह दिखा सकता है।
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