कुरुक्षेत्र । कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के नरहरि हॉस्टल में शुक्रवार रात को खूनी संघर्ष हुआ। रात को हॉस्टल में जमकर गंडासियां चली। इसमें दो छात्र गंभीर रूप से जख्मी हो गए। रात के समय हॉस्टल में तीन दर्जन के करीब युवक घुस आए। इसके बाद उन्होंने छात्रों पर तेजधार हथियारों और बिंडो से से हमला बोल दिया। जैसे ही लड़ाई होने की सूचना हॉस्टल के छात्रों को मिली तो अफरा-तफरी मच गई।
इससे पहले कि यूनिवर्सिटी के सुरक्षाकर्मियों को कुछ समझ में आता युवक हमला करके निकल गए थे। केयू सुरक्षाकर्मियों ने पुलिस को सूचित किया। इसके बाद केयू सुरक्षाकर्मियों ने घायल छात्रों को अस्पताल पहुंचाया। वहीं इस मामले में समाचार लिखे जाने तक मामला दर्ज नहीं हो पाया था।
17अगस्त को भी हुई थी खूनी जंग : नरहरिहॉस्टल में 17 अगस्त की रात को भी खूनी जंग हुई थी। जिसमें दो छात्रों को गंभीर हालत के चलते हुए पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया था। ऐसे में केयू में रहने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से सवाल उठ रहे हैं। केयू के हॉस्टलों में रहने वाले विद्यार्थियों ने बताया कि कई कमरों में गुंडातत्व आकर जबरदस्ती रुकते हैं। इतना ही नहीं उक्त युवक अपने कमरों में गंडासी बिंडो सहित देसी कट्टा भी रखते हैं। जिसके चलते हॉस्टलों की शांति व्यवस्था भंग हो रही है। छात्रों ने कहा कि अगर कोई भी छात्र युवकों की बात को नहीं मानता तो उसे धमकाया जाता है।
आपसी रंजिश को लेकर केयू नरहरि हॉस्टल में फिर हुई खूनी संघर्ष, तीन दर्जन युवक तेजधार हथियार लेकर हॉस्टल में घुसे
>केयू हॉस्टल प्रशासन ने जांच के बाद कई कमरों को लिया शक के घेरे में
आपसी रंजिश बना कारण : नरहरि हॉस्टल में शुक्रवार रात के समय हुई लड़ाई का कारण आपसी रंजिश बताया जा रहा है। केयू हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों ने बताया कि दो गुटों के बीच इससे पहले भी तनाव था। वहीं कुछ दिन पहले भी दोनों में टकराव होते-होते टल गया था। शुक्रवार रात को एक गुट ने 35 से अधिक बाहरी युवक लाठी, बिंडो और गंडासियों से लैस होकर पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने ताबड़तोड़ हमला कर दिया। जिसमें बारटा जींद निवासी महावीर और प्रदीप गंभीर रूप से जख्मी हो गए। हालांकि अभी तक घायल हुए दोनों छात्रों ने पुलिस को बयान नहीं दिए हैं। छात्रों के बयान के बाद ही आरोपी युवकों के नामों का खुलासा हो पाएगा।
बयान लेने के बाद होगा मामला दर्ज: थर्डगेट चौकी प्रभारी देवेंद्र कुमार ने कहा कि जख्मी छात्र अभी बयान देने की स्थिति में नहीं हैं। इसके चलते अभी तक इस संदर्भ में मामला दर्ज नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि बयान लेने के बाद ही मामला दर्ज कर लिया जाएगा।
सेंट्रल पार्किंग नहीं हुई शुरू : केयूहॉस्टलों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए 15 लाख रुपए की लागत से सेंट्रल पार्किंग करीब पांच साल पहले बनाई गई थी। इस परियोजना के तहत हॉस्टल में वाहनों का ले जाना प्रतिबंधित होना था। इसके चलते हॉस्टल तक सीधे गाड़ियां नहीं जा सकती थी। गौरतलब है कि केयू हॉस्टलों में होने वाली लड़ाई-झगड़े की घटनाओं में मोटरसाइकिल और गाड़ियों का सीधे हॉस्टल के गेट तक जाना प्रमुख कारण रहता है।
इसके चलते वारदात को अंजाम देने के बाद छात्र फुर्र हो जाते हैं। दिलचस्प बात तो यह है कि सेंट्रल पार्किंग को कई बार शुरू करने का प्रयास किया गया लेकिन छात्रों के विरोध के कारण इसे शुरू नहीं किया जा सका। ऐसे में केयू प्रशासन के सामने सेंट्रल पार्किंग को शुरू करना बड़ी चुनौती है।
कई युवक शक के दायरे में : केयू चीफ वार्डन डॉ. सतदेव ने बताया कि नरहरि हॉस्टल में हुई लड़ाई के मामले में प्रशासन ने अपने स्तर पर जांच की है। इसमें कई कमरों में रहने वाले युवक शक के दायरे में हैं। उन्होंने बताया कि पुष्टि होने के बाद रविवार को उक्त कमरों को रद्द कर दिया जाएगा। डॉ. सतदेव ने कहा कि हॉस्टल में इस तरह की गुंडागर्दी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस बारे में हॉस्टल में रहने वाले सभी विद्यार्थियों को हिदायत दी गई है। इसके बावजूद अगर कोई भी विद्यार्थी नियमों का उल्लंघन करता है तो उसका कमरा तुरंत रद्द किया जाता है।
कुरुक्षेत्र|केयू के नरहरि भवन में युवकों के दो गुटों मे चली गंडासियां, एक निजी अस्पताल में उपचारधीन घायल।