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अन्नपूर्णा टैंट हाउस के मालिक अरुण ने 15000 रुपए देकर चलवाई थी अपनी एक्टिवा पर गोली

7 वर्ष पहले
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अम्बाला सिटी। अन्नापूर्णा टैंट हाउस का मालिक अरुण विग अपनी ही रची साजिश में फंस गया। उसने एक शख्स को झूठे केस में फंसाने की साजिश रची थी। मगर गहन जांच के दौरान वारदात का सच सामने गया। अपनी एक्टिवा पर गोली चलवाने के लिए अरुण विग ने शिवप्रताप नगर के सचिन शर्मा को हायर किया था। देसी पिस्तौल खरीदने के लिए 15000 रुपए भी दिए थे। सचिन के पकड़े जाने के बाद साजिश की पोल खुल गई। अब पुलिस आरोपी अरुण विग को जल्द ही गिरफ्तार करने की बात कह रही है।
वारदात में इस्तेमाल पिस्तौल को जब्त करने के लिए अब पुलिस ने सचिन को तीन दिन के रिमांड पर लिया है। उसने गोली चलाने का जुर्म भी कबूल लिया है। एक्टिवा पर गोली चलने की वारदात 16 अगस्त 2014 को हुई थी। तब अपूर्णा टैंट हाऊस के मालिक अरुण विग ने सुधीर वर्मा उसके दोस्त पर गोली चलाने का आरोप लगाया था।
उसने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि जब वह अपने दोस्त राकेश कुमार के घर जा रहा था। तभी पीले रंग की मोटरसाइकिल पर सवार होकर दो युवक आए थे। विग ने बताया कि तभी उस पर गोली चलाई गई। तब विग ने गोली एक्टिवा पर लगने की बात कही थी। उसने भागते समय सुधीर पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया था। उधर आरोपों को लेकर सुधीर ने भी सफाई दी थी। उसने कहा था कि विग उसे झूठे मामले में फंसाने की साजिश रच रहा है। इसी वजह से उसने पुलिस से मामले की गहन जांच करने की मांग की थी।

दो सब इंस्पेक्टरों ने की जांच : मामला बेहद पेचीदा था। इसलिए जांच की जिम्मेदारी सब इंस्पेक्टर कुलवंत एसएचओ साहा अजैब सिंह को दी गई। जांच के दौरान ही सचिन पकड़ा गया। तब उसने साजिश को खोल दिया। उसने पुलिस को बताया कि उस पर पांच आपराधिक केस दर्ज है। दो केस उस पर आर्म्स एक्ट, एक केस पंजाब के फिरोजपुर में धमकी देने एक केस पंचकुला में कार सवार पर गोली चलाने का दर्ज है। जांच अधिकारियों ने बताया कि शुरूआती जांच में ही जांच पहलुओं की दिशा बदल गई थी। इसी वजह से दाल में काला होने की भनक लगी।
जांच के दौरान सचिन ने उगला सच : शुरुआती जांच में ही विग के आरोप झूठे पाए गए थे। जांच के दौरान ही मामले का सच सामने गया। सचिन ने पकड़े जाने के बाद पूरा सच उगल दिया। नि:संदेह विग दो केसों में छुटकारा चाहता था इसलिए उसने सुधीर वर्मा को फंसाने की साजिश रची। पर वह अपनी ही साजिश में फंस गया। उसे जल्द ही काबू किया जाएगा। -अजय सिंघल, पुलिस कमिश्नर, अम्बाला।
दो केसों से छुटकारे के लिए रची साजिश
आरोपी अरुण विग पर सुधीर वर्मा की बहन ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। तब पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज किया। बाद में सुधीर वर्मा के रिश्तेदार वीरेंद्र ने विग के खिलाफ दिल्ली में जान से मारने की धमकी देने के आरोप में केस दर्ज करवाया था। विग दोनों केसों से बेहद परेशान था। हर हाल में वह इन केसों से छुटकारा चाहता था। तभी उसने सुधीर वर्मा को झूठे केस में फंसाने की योजना बनाई। इसके लिए सचिन शर्मा को साजिश में शामिल किया गया। एक होटल में दोनों की मुलाकात हुई।
यहीं पिस्तौल खरीदने के लिए सचिन को पंद्रह हजार रुपए दिए गए। साथ ही उसे पचास हजार रुपए देने का भी लालच दिया गया। साजिश के तहत ही घटनास्थल पर एक्टिवा खड़ी कर दी गई। तब विग वहां नहीं था। गोली चलाकर सचिन चुपचाप वहां से खिसक गया। बाद में विग ने गोली चलाने का शोर मचा दिया। जांच के बाद पुलिस को मौके से गोली का आधा खोल भी मिला था।

जांच के दौरान खुली पोल, गोली चलाने वाला आरोपी गिरफ्तार, 50 हजार का दिया था लालच।