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5 माह बाद भी नहीं लगी डिपुओं के बाहर सूची

7 वर्ष पहले
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कुरुक्षेत्र। खाद्य-आपूर्ति विभागके निदेशक द्वारा 25 जुलाई को सभी जिला खाद्य-आपूर्ति अधिकारियों को पत्र भेज अगस्त माह से पात्रों की सूची डिपो के बाहर लगाकर ही अनाज अन्य सामान वितरण करने के निर्देश दिए थे। इन आदेशों पर कितना अमल हुआ इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पांच माह बीतने के बावजूद अब तक जिले के एक भी डिपो के बाहर पात्रों की सूची नहीं लग पाई है। बिना बाहर सूची लगाए ही डिपो होल्डर अनाज अन्य सामान का वितरण कर रहे हैं।

इन निर्देशों की पालना कराने में खाद्य-आपूर्ति अधिकारी भी रुचि लेते नहीं दिखते। हालांकि पूछे जाने पर अधिकारी यह जरूर कहते हैं कि जल्द ही वो सभी डिपो होल्डर्स को नोटिस भेज डिपो के बाहर पात्रों की सूची लगाने के निर्देश देंगे। तीन महीने पहले सितंबर में भी अधिकारी का यही बयान था। लेकिन अभी तक डिपो के बाहर सूची नहीं लग पाई है। इतना ही नहीं अधिकारी तो पात्रों की सूची बाहर लगाने को औपचारिकता बता रहे हैं। इससे साफ है कि अधिकारी इस योजना को लागू कराने में कितनी दिलचस्पी ले रहे हैं।

एक लाख से अधिक पात्र : जिलाभर में कुल डिपो की संख्या 420 है, जिनके माध्यम से जिला के एक लाख 22 हजार 106 पात्र परिवारों को राशन दिया जाता है।

नहीं मिले निर्देश : इस संबंध में कई डिपो होल्डर ने नाम छापने पर बताया कि उन्हें इस तरह के निर्देश अभी तक जिला खाद्य आपूर्ति विभाग से नहीं मिले हैं। अगर इस तरह का कोई निर्देश उन्हें मिलेगा तो वे उसका तुरंत पालन करेंगे।

जल्द करेंगे नोटिस जारी : जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी रविंद्र मलिक ने कहा कि वे जल्द ही सभी डिपो होल्डर को इस बारे में नोटिस जारी करेंगे। जब उनसे अब तक नोटिस जारी करने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वे छुट्टी पर हैं, इस बारे में ज्यादा नहीं बता पाएंगे।
खाद्य-आपूर्ति कार्यालय में अपनी शिकायत लेकर आए सुरखपुर वासी राजकुमार ने बताया कि उसका पीला कार्ड था। उसका मकान भी कच्चा है और उसके पास जमीन भी नहीं है। इसके बावजूद उसका पीला राशन कार्ड काट दिया गया। जबकि गांव के कुछ रसूखदार लोगों ने पहुंच के दम पर बीपीएल कार्ड बनवा रखे हैं और वे ट्रेक्टरों पर अपना राशन अन्य सामान डिपो से लेकर जाते हैं। इस तरह पात्रों को लाभ नहीं मिल रहा जबकि अपात्र लाभ उठा रहे हैं। अगर लिस्ट डिपो के बाहर लगेगी तो इससे सभी को पता चल पाएगा कि किन लोगों को सामान सरकार की ओर से मिल रहा है।
गड़बड़ रोकने की योजना
कईबार कुछ रसूखदार लोग अपात्र होते हुए भी अपनी पहुंच के दम पर बीपीएल राशन कार्ड बनवाकर अनाज अन्य सामान लेते रहते हैं। जबकि कुछ पात्रों का नाम सूची में होते हुए भी डिपो होल्डर उन्हें यह कहकर उनका नाम सूची में नहीं या उनके नाम का राशन नहीं आया कहकर उन्हें टरका देते हैं। इसके बाद उनका अनाज अन्य सामान खुद डकार जाते हैं।
- अगस्त से लगनी थी डिपो के बाहर पात्रों की सूची ।
- सूची लगने से रुक सकती है राशन की कालाबाजारी।