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विज्ञान में ग्लोबल लीडर बनेगा भारत : डॉ. लक्ष्मी कांतन

7 वर्ष पहले
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यूनिवर्सिटीकेकेमिस्ट्री विभाग इंडियन केमिकल सोसाइटी कोलकाता के संयुक्त तत्वावधान में आरके सदन में 51वां अधिवेशन मंगलवार को शुरू हुआ, जिसमें मुख्यातिथि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी हैदराबाद की निदेशक डॉ. एम लक्ष्मीकांतन थी। उन्होंने कहा कि केमिस्ट्री जल, थल, गगन जीवन को हर तरह से प्रभावित करती है। इसलिए वैज्ञानिकों की यह जिम्मेदारी है कि वे विज्ञान का प्रयोग मानव कल्याण के लिए करते हुए साइंस के क्षेत्र में दुनिया में ग्लोबल लीडर बनें।

डॉ. लक्ष्मीकांतन ने कहा कि नॉलेज इकोनॉमी के इस दौर में देश को विकास की राह पर लाने का रास्ता उच्च शिक्षा क्षेत्र की ओर से गुजरता है। इसलिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में शोध एवं गुणवत्ता परख शिक्षा की ओर विशेष ध्यान देने की जरुरत है। शोध के माध्यम से ही मानव जीवन की समस्याओं का हल किया जा सकता है।

विज्ञानके कारण हैं सुविधाएं : कार्यक्रमकी अध्यक्षता करते हुए केयू वीसी डॉ. डीडीएस संधू ने कहा कि दुनिया के हर क्षेत्र के विकास में विज्ञान वैज्ञानिक दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। मानव जीवन में जितनी भी सुविधाएं हैं वे सभी विज्ञान के कारण हैं। विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में वैज्ञानिकों को एक साथ मिलकर काम करने की जरूरत है, ताकि विज्ञान के क्षेत्र में शोध के नए क्षेत्रों का विकास हो। डॉ. संधू ने कहा कि नई तकनीक का प्रयोग करते हुए साइंस का प्रयोग मानव कल्याण के लिए करने की जरूरत है। इंडियन केमिकल सोसायटी के अध्यक्ष प्रो. आरएन प्रसाद ने कहा कि विज्ञान के क्षेत्र में भी शिक्षाविदें, व्यवसायियों उद्योग के बीच संवाद की जरूरत है, ताकि सभी मिलकर समाज देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। देश के वैज्ञानिकों को चाहिए कि वे भारत सरकार के स्वच्छ भारत अभियान से प्रेरित होकर स्वच्छ जल, स्वच्छ पर्यावरण और स्वच्छ वायु की दिशा में काम करें।

जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट जरूरी

यूनिवर्सिटीकी केमिस्ट्री की पूर्व छात्रा एवं 43 से अधिक पेटेंट अपने नाम कर चुकी डॉ. लक्ष्मीकांतन ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट के आधार पर निर्माण क्षेत्र में देश को आगे ले जाना चाहते हैं। विज्ञान के क्षेत्र से जुड़े लोगों की भी यह जिम्मेवारी है कि विज्ञान के क्षेत्र में भी इसी नीति का पालन करते हुए ऐसे उत्पादों का निर्माण करें, जिससे