रेडक्रास बेघरों को दिलाएगी रैनबसेरा
सूची तैयार करने में जुटा रेडक्रास
धर्मशाला प्रबंधकों से की चर्चा
उन्होंनेबताया कि कुरुक्षेत्र में अभी कोई रैनबसेरा नहीं है। हालांकि यहां कई धर्मशालाएं हैं। दूसरे सोने के लिए बेघर लोगों को ब्रह्मसरोवर की सदरियां आसरा बनती हैं। लेकिन अब जो लोग खुले में सोते हैं, उनकी व्यवस्था धर्मशालाओं में होगी। इसके लिए धर्मशाला संचालकों संग मीटिंग हुई, जिसमें संचालक इसके लिए सहज ही तैयार हो गए।
रेडक्रास को दें कंबल दान
श्यामसुंदर के मुताबिक सर्दियों में दानवीर लोग बेघरों जरूरतमंदों को कंबल आदि दान करते हैं। लेकिन अक्सर ऐसा देखने में आता है कि जिन्हें कंबल दिए थे, अगले दिन उनके पास कंबल नहीं मिलते। कुछ लोग कंबल बेचकर नशा करते हैं। लिहाजा लोगों को चाहिए कि वे कंबल सीधे दान देने की बजाए रेडक्रास को दे, ताकि रेडक्रास उन्हें सही हाथों में पहुंचा सके। रेडक्रास कंबलों पर निशान आदि लगाकर आगे देगी, ताकि कोई उन्हें बेच सके।
ब्रह्मसरोवर पर साधुओ से बातचीत करते सोसाइटी सचिव श्यामसुंदर।
>ब्रह्मसरोवर की सदरियों में सोते हैं सैकड़ों लोग
>कुरुक्षेत्र में नहीं है रैनबसेरा
भास्करन्यूज| कुरुक्षेत्र
बेघरलोगोंको ठंड के मौसम में रात को सोने का आसरा रेडक्रास अब धर्मशालाओं में दिलाएगी। इसके लिए बेघर लोगों की सूची तैयार की जा रही है। शुक्रवार रात को रेडक्रास सचिव श्याम सुंदर ने ब्रह्मसरोवर आसपास के एरिया का दौरा किया। श्यामसुंदर के मुताबिक जिले में फुटपाथ पर सोने वाले लोगों को धर्मशालाओं में सोने की व्यवस्था की जाएगी। पहले ऐसे लोगों की सूची तैयार की जा रही है।