कुरुक्षेत्र| कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटीके वीसी डॉ. डीडीएस संधू ने कहा कि देश के विकास और लोगों को जागरूक करने में एनएसएस के तहत काम करने वाले स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान है। वे बुधवार को केयू सीनेट हाॅल में एनएसएस दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब समय गया कि हम एनएसएस के दायरे का विस्तार करें और अधिक से अधिक युवाओं को इसके साथ जोड़ें। डॉ. संधू ने कहा कि एनएसएस से जुड़े प्रत्येक स्वयंसेवक कम से कम छह पेड़ लगाए। ताकि एक लाख पेड़ लगाने के लक्ष्य को पूरा किया जा सके।
केयू देश में एनएसएस के संस्थापक सदस्यों में से एक है और 1969 से लेकर अब तक कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता केयू रजिस्ट्रार डॉ. कृष्ण चंद रल्हाण ने की। उन्होंने कहा कि मनुष्य की सफलता के लिए मां के संस्कार, भाषा, अध्ययन और अनुभव का विशेष योगदान होता है। राष्ट्रीय सेवा योजना भी एक अनुभव है जिसे हम गांवों में जाकर प्राप्त करते हैं। गांव-गांव जाकर जब एक स्वयंसेवक काम करता है तो वह खुद के साथ-साथ लोगों को भी उस कार्य से जोड़ने के लिए प्रेरित करता है। स्वयंसेवकों ने इससे पहले सेवा के हम तो हैं दीवाने गीत गाकर एनएसएस के मूल्यों के प्रति जागरूक किया।
वहीं एनएसएस दिवस पर प्रदर्शनी भी लगाई गई। अंत में 60 से अधिक स्वयंसेवकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम समनव्यक डॉ. तेजेंद्र शर्मा ने सभी का स्वागत किया। इस अवसर पर प्रो. अनिल वशिष्ठ, प्रो. आरके उपाध्याय, प्रो. उमेद सिंह, डॉ. हरि सिंह मौजूद थे।
- 60 से अधिक स्वयंसेवकों को किया सम्मानित
केयू के सीनेट हाल में मुख्यातिथि वीसी डॉ. डीडीएस संधू को सम्मानित करते आयोजक।