- Hindi News
- जान आफत में डालकर रात में सड़क से गुजरते हैं वाहन चालक
जान आफत में डालकर रात में सड़क से गुजरते हैं वाहन चालक
शहरकीसड़कों पर रात के समय आवारा पशु हादसों को न्योता दे रहे हैं। इसके चलते रात के अंधरे में सड़कों से निकलना जान आफत में डालना है। कहने को तो शहर में दर्जनों गोशालाएं चलाई जा रही हैं। लेकिन इन आवारा पशुओं को गोशाला संचालक गोशालाओं से ज्यादा सड़कों पर देखा जा सकता है।
वहीं दूसरी ओर समस्या को जानते हुए भी जिला प्रशासन मूकदर्शक बनकर तमाशा देख रहा है। समस्या को लेकर प्रशासन कितना गंभीर है इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिला में आवारा पशुओं के पकड़ने के लिए कैटल कैचिंग टीम तक नहीं है। जिला स्तर पर आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए इस टीम का होना जरूरी है।
ऐसेमिल सकती है निजात : कैटलकैचिंग टीमों के गठन के अलावा लोग अपनी जिम्मेदारी समझें तो इस समस्या से निजात मिल सकती है। महादेव गोशाला के संचालक जितेंद्र शर्मा का कहना है कि अगर सभी पंचायतें गोचरान भूमि छोड़ दें तो निश्चित तौर पर शहर में आवारा पशुओं की समस्या से राहत मिल सकती है।
नप के ईओ से करुंगा बात
एसडीएमविनय प्रताप सिंह ने कहा कि वे इस बारे में नगर परिषद के ईओ से बात करेंगे। ताकि समस्या का हल करवाया जा सके। उन्होंने कहा कि यह समस्या गंभीर है। उन्होंने कहा कि कैटल कैचिंग टीम के बारे में भी गंभीरता से चर्चा की जाएगी।
आवारा पशुओं की भरमार
जिलाभरमें दर्जनभर से अधिक गोशालाएं होने के बावजूद गोवंश सड़कों पर घूम रहा है। कैटल कैचिंग टीम होना भी आवारा पशुओं की बढ़ती तादाद का कारण है। इसके अलावा गोशाला संचालकों की माने तो उनके अनुसार अगर गोचराण भूमि को कब्जामुक्त करवा, गऊओं के लिए छोड़ दिया जाए, तो निश्चित तौर पर काफी हद तक सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं की समस्या से निजात मिल सकती है।
नहीं है कैटल कैचिंग टीम
शहरमें आवारा पशु किसी तरह से हिंसक हो जाता है, तो उससे अपनी जान बचाने के लिए आपको अपने स्तर पर ही सावधानी बरतनी होगी। कारण जिला प्रशासन के पास ऐसी स्थिति से निपटने के लिए कैटल कैचिंग टीम ही नहीं है। नगर परिषद भी इस समस्या को गंभीर नहीं मानती। जिसके चलते आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए किसी तरह की टीम नहीं रखी गई है।
सड़कों के बीचोंबीच बैठे रहते हैं पशु
शहरका कोई एरिया ऐसा नहीं जहां आवारा पशुओं की भरमार हो। भास्कर टीम ने शहर में आवारा पशुओं की स्थित जानने के लिए देर रात शहर और सेक्टर्स की सड़कों