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अब टीवी स्क्रीन पर घर बैठे ही देख सकेंगे धरोहर

7 वर्ष पहले
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दूसरे प्रदेशों के पर्यटकों तक पहुंचेगा संग्रहालय

धरोहरके प्रभारी डॉ. महासिंह पूनिया ने बताया कि इस फिल्म में धरोहर हरियाणा संग्रहालय के निर्माण की प्रक्रिया धरोहर संग्रहालय को बनाने के पीछे केयू के उद्देश्य के साथ-साथ धरोहर को बेहतर तरीके से फिल्माया गया है। उन्होंने कहा कि विदेशी और भारत के अन्य राज्यों के पर्यटकों के घरों तक धरोहर को पहुंचाने के लिए इस फिल्म का निर्माण किया गया है, ताकि कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी द्वारा स्थापित किया गया धरोहर संग्रहालय दूसरे प्रदेशों के पर्यटकों तक पहुंच सके। यह फिल्म केयू एवं धरोहर की वेबसाइट पर उपलब्ध होगी, ताकि विदेशों में रहने वाले हरियाणवी कला प्रेमी हरियाणा की सांस्कृतिक धरोहर को फिल्म के माध्यम से देख सकें। उन्होंने बताया कि 22 मिनट की इस फिल्म में धरोहर संग्रहालय की प्रासंगिकता के साथ-साथ सभी भागों को एक अलग ही अंदाज में दिखाया गया है। इस मौके पर जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक प्रो. एसएस बूरा और जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अशोक शर्मा मौजूद थे।

>फिल्म के माध्यम से घर-घर गांव-गांव पहुंचेगा धरोहर

>धरोहर संग्रहालय पर केयू प्रशासन ने बनवाई डॉक्यूमेंट्री फिल्म

भास्करन्यूज| कुरुक्षेत्र

हरियाणाकेलोग अब अपने घर बैठे ही टीवी स्क्रीन पर धरोहर हरियाणा संग्रहालय को देख सकेंगे। प्रदेश के गांव-गांव घर-घर धरोहर को पहुंचाने के लिए कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के धरोहर संग्रहालय ने एक 22 मिनट की फिल्म बनाई है। केयू वीसी डॉ. डीडीएस संधू ने धरोहर संग्रहालय पर बनी इस फिल्म की पहली सीडी बुधवार को रिलीज की। डॉ. संधू ने कहा कि धरोहर हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत की पहचान है। आने वाली पीढिय़ां इस संग्रहालय के माध्यम से हरियाणा की प्राचीन लोक संस्कृति को जान सकेंगी। उन्होंने कहा कि इस तरह का संग्रहालय दुनिया में कहीं नहीं है। धरोहर पर बनाई गई इस फिल्म को केयू की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा, जिससे घर बैठे ही दर्शक धरोहर को देख सकेंगे। डॉ. संधू ने कहा कि केयू धरोहर को नई तकनीक से जोड़कर युवा पीढ़ी तक लेकर जाना चाहता है, ताकि युवा पीढ़ी हरियाणा की जीवन शैली उसकी सांस्कृतिक विरासत को देख समझ सके। उन्होंने इसके लिए धरोहर के प्रभारी डॉ. महासिंह पूनिया को भी बधाई दी। केयू रजिस्ट्रार डॉ. कृष्ण चंद रल्हण ने कहा कि इस फिल्म के माध्यम से धरोह