अंधविश्वास है समाज की अवनति का कारण
ज्योतिसर | गुरुकुलकुरुक्षेत्र की ओर से पिछले दो वर्षों से चलाए जा रहे ग्रामीण उत्थान एवं युवा चरित्र निर्माण शिविरों की शृंखला में गुरुवार को ज्योतिसर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में युवा एवं चरित्र निर्माण शिविर आयोजित किया गया, जिसमें गुरुकुल कुरुक्षेत्र के प्राचार्य डॉ. देवव्रत आचार्य मुख्यातिथि थे।
उन्होंने कहा कि पाखंड एवं अंधविश्वास समाज की अवनति का मूल करण है। उन्होंने ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे शराब, धूम्रपान और मांसाहार का सेवन करें एवं जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाते हुए एक आदर्श समाज की स्थापना करें। डॉ. देवव्रत आचार्य ने ग्रामीणों से खेतों में जैविक कृषि को अपनाने गो पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ये दोनों समाज के आर्थिक एवं कृषि का मूल आधार हैं। शिविर में विद्यार्थियों ने व्यायाम, सूर्य नमस्कार, कराटे, डंबल, लेजियम, योगासन एवं स्तूप का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर बीईओ लाडवा राजिंद्र भारद्वाज सभी व्यायामों को जीवन में अपनाने का संकल्प दिलाया। शिविर के दौरान 600 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर व्यायाम शिक्षक चंद्रपाल आर्य, धर्मेंद्र आर्य, सचिन आर्य, सुरेश पीटीआई, नरेश, राधेकृष्ण और प्राचार्या रश्मी देवी मौजूद थी।
ज्योतिसर | योगिक क्रियाओं की प्रस्तुति देते बच्चे।