वामन का रूप धारण कर दान दी तीन पग भूमि
कथावाचकअनिलकुमार शास्त्री ने सपड़ा कॉलोनी में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में भगवान वामन का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि विष्णु अवतार वामन ने माता अदिति के गर्भ से जन्म लिया। जिन्होंने भक्त प्रहलाद के पौत्र राजा बलि से तीन पग भूमि का दान मांगा।
जब राजा बलि तीनों लोकों का अधिपति बनने के लिए यज्ञ कर रहे थे तो विष्णु ने वामन का रूप धारण कर तीन पगों से पृथ्वी स्वर्ग को माप दिया। दैत्य गुरु शुक्राचार्य ने राजा बलि को रोकना चाहा तब तक राजा वामन को तीन पग भूमि दान देने का संकल्प ले चुके थे।
दो पगों में पृथ्वी स्वर्ग माप लेने के बाद जब वामन ने पूछा कि तीसरा पग कहां रखूं तो बलि ने कहा कि भगवन आप तीसरा पग मेरे सिर पर रखो तब वामन ने राजा बलि के सिर पर पग रखा उसके बाद राजा बलि पाताल लोक पहुंच गए। मौके पर भारतीय नौजवान सभा के अध्यक्ष अशोक शर्मा, व्यवसायी विनीत गर्ग, एनआईटी से गोपाल शर्मा गुलशन गाबा ने यजमान के तौर पर वामन पूजन करके कथा का दीप प्रज्ज्वलित किया। अनिल शास्त्री ने सभी यजमानों को श्रीमद भगवद गीता की पुस्तक भेंट की। इस मौके पर वामन भगवान की आकर्षक झांकी दिखाई गई।
भागवत जी की आरती में शिवदयाल कौशिक, धर्मपाल सिंगला, ओम प्रकाश शर्मा, लालचंद शर्मा, मांगेराम शर्मा, सोमनाथ धीमान, सतीश कपूर, पुरुषोत्तम गुप्ता, केसी वर्मा, मा. राजेंद्र कुमार, राजेंद्र मित्तल, पूर्व पार्षद पिंकी गाबा, कृष्ण चुघ, सोम सचदेवा, सुरेश मित्तल, आत्मप्रकाश चानना, लच्छी मास्टर, लालचंद शर्मा, गोरेलाल गुजराल, मनीष शर्मा, रोहित शर्मा, राजेश बंसल, सतबीर रैहल, राजू वधवा, शेर सिंह, मदन पाहवा, मा. अनिल कुमार, हीरा नंद, डॉ. स्वर्णप्रभा, चंद्रप्रभा कौशिक, छाया शर्मा, बाला देवी मित्तल, प्रवेश गोयल, दर्शना और रेनू गोयल ने भाग लिया।