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अब खुली नींद, इंद्री से आई 26 लोगों की टीम पकड़ेगी उत्पाती बंदरों को

7 वर्ष पहले
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बंदरपकड़ने के लिए इंद्री से 26 सदस्यीय टीम बुलाई गई है। टीम सदस्य सरतार मोहम्मद का कहना है कि नप द्वारा एक बंदर पकड़ने के लिए 700 रुपए देने का करार हुआ है। जल्द ही सारे बंदरों को शहर से हटा देंगे।

कुरुक्षेत्र | सन्निहित सरोवर से पकड़े बंदरों के साथ कर्मचारी।

कुरुक्षेत्र | आखिरकारशहर को बंदरों के आतंक से निजात मिलने की उम्मीद अब जग गई है। शहर भर में उत्पात मचाते घूम रहे बंदरों को लेकर अब प्रशासन और नगरपरिषद की तंद्रा टूटी है। उत्पादी बंदरों को पकड़ने के लिए इंद्री से एक टीम बुलाई गई। अरसे से शहरवासी इन बंदरों का खौफ झेल रहे थे। टीम को पहले सेक्टर-सात, शांतिनगर और सन्निहित सरोवर के आसपास बंदरों को काबू करने का जिम्मा सौंपा है। बता दें कि जिले में बंदरों के आतंक के चलते दो लोगों की जिंदगी भी जा चुकी है।

शुक्रहै टेंडर हो तो गया : बंदरोंका सबसे अधिक उत्पाद सेक्टर-सात और शांति नगर और सन्निहित सरोवर के इलाके में है। सेक्टर सात वासी एवं शहीद मेजर नितिन बाली की मां आदर्श बाली का कहना है बंदरों की सेक्टर में पूरी दहशत थी। पिछले दिनों बंदरों की वजह से एक महिला की छत से गिरने पर मौत हो गई थी। दो माह पहले लाडवा में भी एक सचिव बंदरों के हमले के चलते छत से नीचे गिर कर जान गंवा बैठा था। आदर्श बाली और वॉर्ड-27 से पार्षद नवनीत टेका के पति संदीप टेका का कहना है कि इस संबंध में वे कई बार जिला प्रशासन से गुहार लगा चुके थे। हर बार टेंडर होने की बात कहकर उन्हें टरका दिया जाता था। हालांकि डीसी निखिल गजराज ने पहले भी नप के ईओ को इस संबंध में कदम उठाने को कहा। लेकिन कई महीने बाद जाकर कार्रवाई हुई।

होचले थे लोग दुखी : रीनारानी, सुमन देवी, बिमला देवी मनीषा कुमारी, कमल पंकज का कहना है कि बंदरों के आंतक के कारण बच्चों का घरों से निकला भी मुश्किल हो गया था। बंदर घरों में घुसकर सामान उठाकर ले जाते है। हटाने पर हिंसक हो जाते। कई बच्चे और बड़े इनके हमले का शिकार हो चुके हैं। पानी की टंकियों के ढक्कन ये बंदर तोड़ जाते हैं।

जंगलमें छोड़ने के निर्देश : टीमद्वारा अब तक करीब 50 बंदरों को पकड़ चुकी है। सबसे ज्यादा बंदर सन्निहित सरोवर से पकड़े। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी एमएस जगत का कहना है कि टीम अपने काम में लग गई है। सभी बंदरों को पकड़ कर स्योंसर जंगल में छोड़ने के निर्देश दिए हैं। जगत