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पापों का नष्ट करने के लिए विष्णु ने लिया अवतार : शास्त्री

7 वर्ष पहले
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सपड़ा कॉलोनी में चल रही भागवत कथा में व्यासपीठ की पूजा करते श्रद्धालु।

भास्कर न्यूज|कुरुक्षेत्र

गो-गीता-गायत्रीसत्संगसेवा समिति द्वारा सपड़ा कॉलोनी में आयोजित भागवत कथा में कथावाचक अनिल शास्त्री ने श्रीकृष्ण जन्म का रहस्य बताते हुए कहा कि द्वापर युग में पापी राजाओं के अत्याचार से पृथ्वी थर्रा उठी। पृथ्वी लोक में कोई भी ऐसा स्थान नहीं था। जहां पाप कर्म हो रहा हो। जब पापों की अति हो गई तो पृथ्वी एक गाय का रूप धारण करके प्रजापिता ब्रह्मा के पास गई और उसने अपनी सारी व्यथा सुनाई।

ब्रह्मा जी ने सभी देवताओं गाय बनी पृथ्वी को साथ लेकर विष्णु जी से प्रार्थना की। देवताओं की प्रार्थना सुनने के पश्चात विष्णु जी ने कहा कि अब पापियों का अंत गया है। पृथ्वी लोक में धर्म की पुन: स्थापना के लिए मैं मथुरा में देवकी की कोख से कृष्ण के रूप में जन्म लूंगा। भगवान विष्णु का यह आश्वासन पाकर देवता अपने लोक में चले गए और पृथ्वी वापिस अपने लोक में गई। उधर, बृज में कंस का अत्याचार बढ़ता ही जा रहा था। संत, मुनि, ब्राह्मण और प्रजा उसके अत्याचारों से त्राहि-त्राहि कर रही थी। कंस अपनी बहन देवकी से अत्याधिक स्नेह करता था। इसी तरह एक-एक करके कंस ने देवकी की सभी संतानों को मौत के घाट उतार दिया और जब अंतिम बालक कृष्ण पैदा हुए तो देवताओं ने आकाश से फूल बरसाए। मौके पर इनेलो प्रदेशाध्यक्ष और थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा, भाजपा जिलाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमच और नगर परिषद राज गौड़ मौजूद थे।