कुरुक्षेत्र | हिंदी दिवस के अवसर पर रविवार को केयू के सीनेट हॉल में राज्य स्तरीय कविता पाठ प्रतियोगिता हुई। इसमें 200 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिसमें तनुश्री प्रथम रहीं। मौके पर मुख्यातिथि केयू रजिस्ट्रार डॉ. कृष्ण चंद रल्हाण थे। डॉ. रल्हाण ने कहा कि हिंदी विश्व के 195 देशों में बोली जाने वाली भाषा है। भारत से बाहर 180 यूनिवर्सिटी में हिंदी पढ़ाई जाती है। वर्तमान दौर में हिंदी बाजार की भाषा बन चुकी है।
डॉ. रल्हाण ने कहा कि हिंदी का प्रचार और प्रसार निरंतर प्रगति पर है। आने वाले दिनों में हिंदी और अधिक विकसित स्वरूप लेगी। हिंदी भारत की सीमाओं को लांघकर विदेशों में भी विकसित हो रही है। कार्यक्रम की अध्यक्षता केयू के हिंदी विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. लालचंद गुप्त ने की।
वर्तमान केंद्र सरकार ने सभी गतिविधियों को हिंदी में प्रचारित और प्रसारित करने का जो निर्णय लिए उससे हिंदी आने वाले दिनों में और अधिक विकसित होगी। केयू के हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. बाबू राम ने कहा कि हिंदी हिंद की भाषा है। हिंदी में शोध गतिविधियों को विदेशों में बढ़ावा मिल रहा है।
आयोजक यूनिवर्सिटी कॉलेज हिंदी विभागाध्यक्ष और युवा और सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक डॉ. महासिंह पूनिया ने कहा कि भविष्य में भी इसी तरह हिंदी को प्रचारित करने के लिए कार्यक्रमों का आयोजन होगा। राज्य स्तरीय कविता पाठ प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका मंगलराम आत्रेय, श्याम गुप्ता और अनिल भटनागर ने निभाई।
कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. वंदना ने किया। प्रतियोगिता में पहले स्थान पर रहने वाले प्रतिभागी को 5100, दूसरे स्थान पर रहने वाले को 3100 और तीसरे स्थान पर रहने वाले को 2100 रुपए का नकद पुरस्कार दिया गया। वहीं सांत्वना पुरस्कार के रूप में 1100 रुपए की राशि दी गई। मौके पर डॉ. तजेंद्र शर्मा, डॉ. राजपाल रामचंद्र मौजूद थे।
हिंदी का करें सम्मान : रंबा
कुरुक्षेत्र | हरियाणा पिछड़ा वर्ग महासभा के प्रदेशाध्यक्ष रामकुमार रंबा ने कहा कि हम सभी को अपनी राष्ट्र भाषा हिंदी का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब हम सभी हिंदी का अधिक प्रयोग करेंगे तो इससे हिंदी का सम्मान बढ़ेगा। रंबा ने कहा कि वर्तमान में पूरी दुनिया में हिंदी अपनी पैठ बना चुकी है। ऐसे में हम सभी का दायित्व बनता है कि हम अपने हस्ताक्षर अंग्रेजी भाषा में ना करके हिंदी भाषा में करें। वहीं उन्होंने सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूक रहने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दहेज प्रथा और अनपढ़ता समाज की बीमारी है। जब तक प्रत्येक नागरिक शिक्षित नहीं होगा तब तक देश को प्रगति के पथ पर आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। उन्होंने कहा कि लोगों को शिक्षित करने के लिए शिक्षा का अधिकार कानून बनाया गया है। इस अवसर पर रामरत्न कटारिया, वीरभान प्रजापति और बलवंत सिंह मौजूद थे।
केयू के सीनेट हाल में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रजिस्ट्रार डॉ. कृष्णचंद रल्हाण को सम्मानित करते डॉ. महासिंह पूनिया अन्य।
देश के सभी दफ्तरों में बाेला जाए हिंदी भाषा : गर्ग
कुरुक्षेत्र |चनारथल रोड स्थिति लोक स्वराज जन सेवा ट्रस्ट कार्यालय में हिंदी दिवस मनाया गया। इसकी अध्यक्षता ट्रस्ट के अध्यक्ष रघुबीर गर्ग ने की। उन्होंने हिंदी भाषा के इस्तेमाल पर जोर दिया और कहा कि देश मेें राष्ट्र भाषा का ही प्रयोग होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाषा पर पाश्चात्य संस्कृति का असर साफ देखने को मिलता है। जिसके चलते हिंदी लुप्त होती जा रही है। वहीं सरकारी कार्यालयों मे भी अंग्रेजी भाषा का इस्तेमाल किया जाता है।