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20 फुट की सड़क पर रास्ता 10 फुट का

7 वर्ष पहले
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(कुरुक्षेत्र | बाजारों में अतिक्रमण से सड़कें हुई तंग।)
कुरुक्षेत्र। शहर का मेन बाजार, जहां सड़क तो 20 फुट की है। लेकिन वहां से पैदल निकलना भी मुश्किल है। यहां रास्ता दस फुट का भी नहीं है। मोटरसाइकिल निकालने में ही पसीने जाते हैं। जरा सी दूरी तय करने के लिए जाम का सामना करना पड़ता है। पुरानी सब्जी मंडी के साथ लगते ही सड़क पर फड़ियों और रेहड़ियों की भरमार है। यह हालात उस एरिया के हैं जहां से चंद ही दूरी पर नप कार्यालय पड़ता है। लेकिन फिर भी लोगों द्वारा धड़ल्ले से अतिक्रमण किया जा रहा है। हालांकि अतिक्रमण पर काबू पाने के लिए कई साल पहले नप द्वारा सीमा भी निर्धारित की गई थी। इसके लिए बाकायदा सड़कों पर पीले रंग की पट्टी भी लगाई गई थी। ताकी दुकानदार इसे पार करें और सड़क पर कब्जा हो। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। आज पट्टियां कहां गायब हो गई। इसका खुद अधिकारियों तक को नहीं मालूम। ऐसे में नप अधिकारियों की अनदेखी का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। अब जगह-जगह फैले अतिक्रमण से शहर की सड़कें सिकुड़ती जा रही हैं।
दुकानदार ही पैसे लेकर लगवाते हैं रेहड़ियां : शहर में लगने वाले जाम का मुख्य कारण अतिक्रमण है। जबकि अतिक्रमण के लिए दुकानदार खुद जिम्मेदार हैं। आपको बता दें कि बाजार में अधिकतर दुकानदार ऐसे हैं जोकि स्वयं ही रेहड़ियां लगाते हैं और उनसे मोटा किराया वसूलते हैं। अपने इसी लालच के कारण वे जनता की सुविधा से समझौता कर बैठते हैं। इसके चलते बाजार में हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है।

किराया वसूलते हैं कुछ दुकानदार : दुकानदार परविंद्र का कहना है कि दुकानों के सामने लगी रेहड़ियों और फड़ियों को हटाने को लेकर कई बार नप अधिकारियों को शिकायत की गई। लेकिन कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। असलियत यह है कि जिन दुकानों के सामने ये रेहड़ियां लगती हैं, वे दुकानदार उनसे किराया वसूलते हैं। उनके स्वार्थ के कारण ही बाजार में जाम की स्थिति रहती है। इसलिए नप अधिकारियों को चाहिए कि वे नियम बनाकर उन दुकानदारों पर कार्रवाई करें जिनके सामने ऐसा अतिक्रमण होता है। तभी जाकर अवैध कब्जा खत्म होगा।
शहर में शायद ऐसा कोई एरिया नहीं जहां अतिक्रमण हो। इनमें मुख्य रूप से मेन बाजार रहा। जहां सीकरी चौक से सब्जी मंडी की ओर, इसी चौक से महाराणा प्रताप की तरफ। रोटरी चौक से बाजार, मोहन नगर मार्केट, रेलवे रोड पर स्टेशन से लेकर चौक तक। आंबेडकर रेलवे फाटक से सीकरी चौक शामिल हैं। शहर के इन क्षेत्रों में सड़कें कम चौड़ी हैं और साथ में अतिक्रमण ज्यादा है।
दुकानदार रतिन ग्रोवर का कहना है कि नगर परिषद अधिकारियों द्वारा अतिक्रमण हटाने के लिए वैसे तो कई नियम बनाए गए हैं। लेकिन वह सिर्फ नाम मात्र के ही हैं। उनकी कोई परवाह नहीं करता। इसका अंदाजा बाजार में सरेआम हो रहे अतिक्रमण से लगाया जा सकता है।

तुरंत प्रभाव से हटाया जाएगा अतिक्रमण
नपके एमई अक्षय भारद्वाज का कहना है कि शहर में जहां-जहां अतिक्रमण की स्थिति बनी है, उसे तुरंत प्रभाव से हटाया जाएगा। वहीं संबंधित दुकानदार पर कार्रवाई भी की जाएगी। इसके लिए उसे जुर्माना भी किया जाएगा।
बनेगीठोस योजना
नगरपरिषद अध्यक्षा उमा सुधा ने माना कि शहर में अतिक्रमण काफी बढ़ा है, जिससे जाम की स्थिति बनी रहती है। गुरुवार को उन्हें स्वयं बाजार से निकलने में काफी परेशानी उठानी पड़ी। अतिक्रमण को लेकर वे जल्द ही ठोस नीति बनवाएंगी। इससे जनता को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ती है।
शहर में यहां-यहां फैला है अतिक्रमण
अतिक्रमण से सिकुड़ती जा रहीं शहर की सड़कें, दुकानदार ही अतिक्रमण को दे रहे बढ़ावा
कुरुक्षेत्र | सावधान।यदि आप शहर के 100 फुटा रोड पर रात को वाहन लेकर या पैदल निकल रहे हैं तो ध्यान से चलें। यहां डिवाइडर पर लगी फेंसिंग आपको उलझा कर सड़क पर गिरा सकती है। आप चोट खा सकते हैं। यह हो भी रहा है। कई दुपहिया चालक चोट खा चुके हैं। केडीबी 100 फुटा रोड पर डिवाइडर पर लगी लोहे की तार राहगीरों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। टूटी तारें सड़क पर बिछ जाती हैं। ऐसे में रात को यह खतरा काफी बढ़ जाता है। इस रोड पर शाम के बाद अंधेरा पसरा रहता है। इसके कारण ये लोहे की तार भी दिखाई नहीं देती। डिवाइडर के बीच लगी स्ट्रीट लाइट्स मात्र शो पीस बनी हैं। अब ऐसे में नगर परिषद की लापरवाही कभी भी बड़े हादसे में तबदील हो सकती है।
मात्रमंत्रियों के आने पर जगती हैं लाइट्स : दुकानदारसुशील गर्ग, बिट्टू गर्ग, कृष्ण चंद, विनोद तायल, लाडी श्रीहरि का कहना है कि इस रोड पर लगी लाइट्स सिर्फ तभी जगती हैं, जब वहां से किसी मंत्री को गुजरना हो। उनके निकलते ही लाइटें भी बंद हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में जब सीएम शहर में आए थे तो प्रशासन द्वारा इन लाइटों को जगाया गया था। लेकिन तब से ये बंद ही हैं।

चोरों ने डिवाइडर पर लगी लोहे की फैंसिंग को जगह-जगह से काटा हुआ है। वहीं कुछ दुकानों के सामने से रास्ता बनाने के लिए भी कुछ दुकानदार इसका फायदा उठाते हैं।