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500 वर्ग गज के मकान पर लगाना होगा सोलर सिस्टम
अबनगरपरिषद और अर्बन एरिया में 500 गज के मकान पर सोलर सिस्टम लगाना जरूरी होगा। नप सीमा में 500 वर्ग गज या इससे बड़े सभी आवासीय भवनों पर कम से कम एक किलोवाट सौर फोटोवोलटाइक विद्युत सयंत्र लगाना जरूरी होगा। इन आवासीय भवनों के अलावा 30 किलोवाट या अधिक सवंद्ध भार वाले सभी निजी शैक्षणिक संस्थाओं पर भी कम से कम 5 किलोवाट या इससे अधिक का सोलर सिस्टम अब जरूरी होगा। अक्षय ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव ने इस संबंध में बाकायदा अधिसूचना जारी की है। डीसी प्रभजोत सिंह ने बताया कि अक्षय ऊर्जा संरक्षण अधिनियम 2001 की धारा-18 के तहत राज्यपाल ने नए नियम जारी किए हैं। नगर निगमों, नगर परिषदों, नगरपालिकाओं, हुडा एरिया में 500 वर्ग गज या इससे बड़े आवासीय भवनों पर कम से कम एक किलोवाट सौर फोटोवोलटाइक विद्युत सयंत्र लगाना जरूरी कर दिया है।
दो माह में अमल जरूरी
एडीसीप्रभजोत ने कहा कि सभी संबंधित विभागों को सौर फोटोवालटाइक विद्युत उत्पादन संयंत्रों की स्थापना दो महीने के भीतर करनी होगी। राज्य नामिक अभिकरण के रूप में सरकारी विभागों, संगठनों को वर्ष 2015-16 के लिए इस्टीमेट भी देने को कहा है।
30 किलोवाट सवंद्ध भार वाले सभी निजी शैक्षणिक संस्थाओं, विद्यालयों, महाविद्यालयों, छात्रावासों, तकनीकी व्यवसायिक शिक्षा संस्थानों, विश्वविद्यालयों आदि पर भी कम से कम 5 किलोवाट का सिस्टम लगाना होगा। सरकार ने ऐसे सभी निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों, मॉल्स, होटेल, मोटेल, समारोह हॉल, पर्यटन कांप्लेक्स, जिनका सवंद्ध भार 50 किलोवाट से एक हजार किलोवाट है, उन पर कम से कम 10 किलोवाट का सिस्टम जरूरी होगा। किलोवाट अथवा सवंद्ध भार का तीन प्रतिशत, जो भी अधिक हो, क्षमता वाले सौर विद्युत सयंत्र स्थापित करने होंगे। उन्होंने बताया कि समूह आवासीय समितियों, बिल्डिरों, आवासन बोर्ड के सभी भूखंड पर विकसित सभी नए आवासीय परिसर, जिनमें आधे से एक एकड़ पर कम से कम 10 किलोवाट, एक एकड़ से अधिक और दो एकड़ तक कम से कम 20 किलोवाट, 2 एकड़ से अधिक और 5 एकड़ तक कम से 30 किलोवाट और 5 एकड़ से अधिक आवासीय भूखंड परिसर पर कम से 40 किलोवाट वाला सिस्टम जरूरी होगा।