- डीसी ने ली क्लास- तो हरकत में नप ।
- दुकानदारों ने टीमें घूमती देख पहले हटाया फिर दोबारा सड़क पर जमाया सामान ।
- टूटी प्रशासन की तंद्रा अभी अल्टीमेटम से गुजारा ।
कुरुक्षेत्र। शहर के बाजारों और सड़कों पर अवैध अतिक्रमण पर आखिरकार प्रशासन की तंद्रा टूट गई। डीसी भी अपने कुछ दिन पहले के वादे पर खरे रहे। शनिवार को प्रशासन ने नगरपरिषद के साथ मिलकर अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ मोर्चा खोला। हालांकि पहले दिन कार्रवाई अल्टीमेटम तक सीमित दिखी। स्थाई तौर पर हुए अवैध कब्जे हटाने के लिए प्रशासन ने रविवार शाम तक का समय दुकानदारों कब्जा करने वालों को दिया। हालांकि प्रशासनिक दस्ते को देख बाजारों में हलचल मच गई। जिन दुकानदारों ने सड़कों तक सामान रखा हुआ, उन्होंने आनन-फानन में अपना सामान समेटा।
सीटीएम गगनदीप सिंह नप के एमई अक्षय भारद्वाज की अगुवाई में ट्रैक्टर ट्रालियां लेकर प्रशासनिक दस्ता सुबह 11 बजे शहर में घूमा। साथ में पुलिस भी चली। बाजारों में घूमकर एक तरफ जहां लाउड स्पीकरों से निर्देश दिए। वहीं दुकानदारों को सोमवार तक अतिक्रमण हटाने को कहा। सीटीएम ने कहा कि सोमवार को जिस भी दुकानदार द्वारा अतिक्रमण किया मिला। उसका सामान जब्त कर लिया जाएगा। साथ में उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी होगी। अतिक्रमण करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
अतिक्रमण की शिकायतें अरसे से लोग कर रहे हैं। खामियाजा शहर वासियों को भुगतना पड़ रहा है। पांच फरवरी को हुई अधिकारियों की मीटिंग में यह मुद्दा उठा था। तब डीसी सीजी रजनीकांतन ने अतिक्रमण हटाने के लिए स्पेशल ड्राइव चलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद नगरपरिषद अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से कदम उठाने को कहा था।
जाम का मुख्य कारण अतिक्रमण : शहर की अधिकतर मार्केट में दुकानदारों ने दुकान से ज्यादा सामान सड़क पर रखा हुआ है। यहां तक कि कई दुकानदारों ने पक्के रैंप बनाकर आैर शेड बनाकर स्थाई तौर पर कब्जा किया हुआ है, जिसके कारण बाजार की सड़के बेहद संकरी हो गई है। लिहाजा हर समय सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रहती है। शहर को जाम से बचाने के लिए कई योजनाएं जिला प्रशासन पुलिस विभाग ने बनाई। इसके बावजूद अभी तक शहर को जाम की स्थिति से स्थाई तौर पर निजात नहीं मिल पाई है।
पूरी तरह सिरे चढ़े अभियान : हालांकि जिला प्रशासन ने अतिक्रमण को लेकर कड़ा संज्ञान लिया है। लेकिन शहरवासियों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने की रस्म अदायगी के तौर पर कार्रवाई पहले भी नगर परिषद करता रहा है। नगर परिषद की कार्रवाई के पीछे-पीछे दुकानदार फिर से दुकानों के बाहर सामान सजा अतिक्रमण कर लेते हैं, जिससे इस तरह की कार्रवाई का फायदा कभी जनता को नहीं मिल पाया। शहरवासी अशोक बाली का कहना है कि यह कवायद तभी सिरे चढ़ेगी, जब आगे अतिक्रमण होने दिया जाएगा।
कार्रवाई देख मची बाजारों में हलचल : जैसे ही सीटीएम नगर परिषद एमई अक्षय भारद्वाज अन्य कर्मचारियों के साथ मुख्य बाजार में पहुंचे उन्हें देख अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों में भी हड़कंप मच गया। टीम जिस भी दुकान पर पहुंची, उससे पहले ही दुकानदार अपना सामान समेटते नजर आते। हालांकि ट्रैक्टर ट्रालियां होने के बावजूद पहले दिन टीम ने किसी का सामान जब्त नहीं किया।
दुकानदारों को रविवार शाम तक अतिक्रमण हटाने की चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। इस दौरान सीटीएम की टीम ने मुख्य बाजारों, आंबेडकर चौक, पुराना बस स्टैंड, आंचला चौक, झांसा रोड सहित दर्जनों जगह हुए अतिक्रमण का जायजा लिया। इस दौरान टीम ने दुकानों के आगे रखे सामान के अलावा दुकानदारों द्वारा अवैध तौर पर बनाए गए शेड को हटाने के भी निर्देश दिए गए।