दुनिया में अनूठा है हरियाणवी हास्य ।
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालयके आरके सदन में हरियाणा कला परिषद चंडीगढ़ एवं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की तरफ से शनिवार को तीन दिवसीय लघु हास्य नाटक प्रतियोगिता शुरू हुई। रजिस्ट्रार डॉ. कृष्ण चंद रल्हाण ने विधिवत उद्घाटन किया। कहा कि हरियाणा की संस्कृति पूरी दुनिया पर अपना प्रभाव छोड़ती है। इस संस्कृति का मूल मंत्र अपनापन आत्मीयता है जो लोगों को जोड़ने का काम करती है। इसलिए यह संस्कृति सभी को अपनी ओर आकर्षित करती है। हरियाणवी हास्य का दुनिया में कोई जवाब नहीं है। हरियाणा के लोग हाजिर जवाब होते हैं। इस तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन निरंतर किया जाना चाहिए। हरियाणा कला परिषद की कार्यकारी अधिकारी लीला सैनी ने बताया कि इसका उद्देश्य प्रदेश की युवा पीढ़ी को एक ऐसा मंच प्रदान करना है ताकि वे अपनी रंगमंच की प्रतिभा का बेहतर प्रदर्शन कर सके।
20टीमें जुटी हास्य रंग दिखाने को : प्रतियोगिता में प्रदेशभर से 20 से अधिक टीमें भाग ले रही हैं लीला सैनी ने बताया कि नाटिकाओं के माध्यम से कलाकार सामाजिक समस्याओं का उठाने के साथ साथ दर्शकों का मनोरंजन भी करेंगे। निर्णायक मंडल में रोहतक आकाशवाणी के निदेशक कैलाश वर्मा, चंडीगढ़ से आए सांग एवं ड्रामा आफिसर राजबीर भारद्वाज, आकाशवाणी के सीनियर उद्घोषक श्याम गुप्ता शामिल है।
पहला दिन हरियाणवी हास्य का : पहले दिन दर्शकों ने हरियाणवी हास्य का खूब आनंद उठाया। हरियाणवी डायलॉग, वेशभूषा हाजिर जवाबी से कलाकारों ने मंच खूब समा बांधा। प्रतियोगिता में कलाकारों ने मां-बाप सबसे ऊपर हास्य नाटिका के माध्यम से दर्शकों को पहले तो खूब हंसाया, बाद में परिवार में बुजर्गों की स्थिति के बारे में दर्शकों को सोचने पर मजबूर किया। इस नाटिका में कन्या भ्रूण हत्या, महिलाओं के साथ हो रहे बलात्कार , महिला सुरक्षा सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया।