कुरुक्षेत्र। शहीदी एवं शौर्य दिवस के अवसर पर केयू धरोहर हरियाणा संग्रहालय की ओर से सीनेट हॉल में आयोजित राज्य स्तरीय कविता पाठ प्रतियोगिता में मां मुझको बंदूक मंगा दे, सब दुश्मनों को मार गिराउंगा कविता सुनाकर देवांश ने खूब तालियां बटोरी। वहीं तीसरी कक्षा के पढ़ने वाली छात्रा अवनी ने झुक गया देश सारा तेरे लाल के सम्मान में और माना इस राखी पर नहीं होगी मेरी कलाई, पर बहना मेरी तू गर्व से बताना शहीद है तेरा भाई..सुनाकर सभी प्रतिभागियों की आंखों से आंसू छलका दिए। इससे पहले प्रतियोगिता के शुभारंभ पर मुख्यातिथि केयू वीसी डॉ. डीडीएस संधू थे।
उन्होंने कहा कि शहीदों की कुर्बानियों को हमेशा याद रखना चाहिए। शहीदों की बदौलत ही हम आजादी की हवा में सांस ले रहे हैं। डॉ. संधू ने कहा कि हरियाणा का भारतीय सेना में महत्वपूर्ण योगदान है। यहां के रणबांकुरे देश की सीमाओं पर कुर्बानियां देने में दूसरे राज्यों के मुकाबले कहीं आगे हैं। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि केयू रजिस्ट्रार डॉ. कृष्ण चंद रल्हाण थे। उन्होंने कहा कि युवाओं में देश के प्रति राष्ट्रीय भावना का संचार होना जरूरी है। जिस देश के युवाओं में देशभक्ति की भावना जितनी अधिक होती है, उस देश का भविष्य उतना ही अधिक सुरक्षित होता है।
युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक डॉ. महासिंह पूनिया ने कहा कि धरोहर हरियाणा संग्रहालय की ओर से आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं के अंदर देशभक्ति की भावना पैदा करना है। उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता में 100 से अधिक प्रतिभागियों ने देशभक्ति से संबंधित कविताओं की प्रस्तुति दी। मौके पर युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग की ओर से बनाए गए विभागीय लोगो की पहली प्रति केयू वीसी डॉ. डीडीएस संधू को भेंट की गई। प्रतिभागियों ने मुख्यातिथि के सामने देशभक्ति की कविताएं प्रस्तुत कर वातावरण को देशभक्तिमय बना दिया। इस अवसर पर धरोहर हरियाणा संग्रहालय द्वारा आयोजित ‘धरोहर विकास यात्रा’ प्रदर्शनी लगाई गई। मौके पर हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. बाबू राम, कुटा अध्यक्ष डॉ. अनिल गुप्ता, यूनिवर्सिटी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरके सूदन, डॉ. परमेश कुमार और डॉ. राजपाल उपस्थित थे।
- शहीदी दिवस: युवाओं में देशभक्ति पैदा करना उद्देश्य ।
- केयू के सीनेट हाल में धरोहर हरियाणा संग्रहालय की ओर से राज्य स्तरीय कविता पाठ का आयोजन।
(कुरुक्षेत्र| शहीदी दिवस के मौके पर केयू के सीनेट हाल में आयोजित कविता पाठ प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत करते डॉ. महासिंह पुनिया।)