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पितृ पक्ष अमावस्या पर भक्तों ने कराए पिंडदान
पितृपक्षअमावस्या के चलते मंगलवार को श्रद्धालुओं ने अपने पितरों के नामित पिंडदान कराए। इसके चलते सुबह से ही ब्रह्मसरोवर, सन्निहित सरोवर पर श्रद्धालुओं को तांता लगा रहा। वहीं शनि मंदिर पर भी लोगों की भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने सरोवर के पवित्र जल में डुबकी लगाई और सूर्य देव का अर्घ देकर सुख शांति की कामना की।
तीर्थ पुरोहितों ने तट पर विधि विधान से पूजा अर्चना कराई और पिंड भरवाए। पंडित तरसेम शास्त्री का कहना है कि पितृ पक्ष अमावस्या का विशेष महत्व है। जिन लोगों को पितर दोष होता है, वह इस दिन विधि पूर्वक पिंडदान करा सकता है। उन्होंने कहा कि इस दिन पूजा पाठ कराने से घर में सुख शांति, समृद्धि आती है। सभी बिगड़े काम संवरने लगते हैं। श्रद्धालु पवन गर्ग, अजय, पंकज, निपुण, जितेंद्र सिंह, कुलबीर सिंह का कहना है कि इस दिन किए गए दान का विशेष महत्व होता है। इसलिए उन्होंने अपने पितरों की आत्मिक शांति के लिए पिंडदान कराए।
पैतृी श्राद्ध के उपलक्ष्य में ब्रह्मसरोवर पर पितृों की शांति के लिए पिंडदान करवाते श्रद्धालु।
कुरुक्षेत्र|दुखभंजन मंदिर में पितृों की शांति के लिए पूजा करते श्रद्धालु।
कुरुक्षेत्र| पैतृी श्राद के उपलक्ष्य में ब्रह्मसरोवर पर पितृों की शांति के लिए पिंडदान कराते श्रद्धालु।
संपूर्ण पैतृक दोष शांति महायज्ञ संपन्न
कुरुक्षेत्र|दुखभंजन महादेव मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय संपूर्ण पैतृक दोष शांति महायज्ञ मंगलवार को अमावस्या पर संपन्न हुआ। शिविर आयोजक डॉ. सुरेश मिश्रा, पं. रविशंकर कौशिक हरीश ऋषि के निर्देशन में वेदाचार्य पं. रविश शर्मा, कमल शर्मा, सतिंद्र गौतम, संदीप शर्मा रोहित जोशी आदि वेदपाठी ब्राह्मणों ने यजमानों से पित्तर पूजा, त्रिपिंडी श्राद्ध कर्म, तर्पण यज्ञ संपन्न कराया। करनाल से आए ललित नीरज सलूजा ने बताया कि इस पूजा से उन्हें मानसिक शांति असीम आनंद प्राप्त हुआ। दिल्ली के भरत दीपक पराशर ने बताया कि उनके माता-पिता पिछले 20 वर्षों से श्राद्ध पक्ष में पित्तरों की पूजा त्रिपिंडी श्राद्ध इस धर्मनगरी में कराते आए हैं। पित्तरों की कृपा से उन्हें रोजगार घर में सुख-शांति का अनुभव हुआ। इसके अलावा दूर-दूर से आए लोगों ने ब्राह्मणों को अपनी जन्मकुंडली दिखाई और उसके समाधान पूछे।
अमावस्या पर लगाया भंडारा
श्रीद्वारका दास अन्नक्षेत्र चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा पितृ-प