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पीएचडी की प्रवेश परीक्षा लेने से शिक्षकों में रोष

7 वर्ष पहले
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प्रदेशकीदो यूनिवर्सिटी में पीएचडी दाखिले के लिए अलग-अलग मापदंड अपनाए जा रहे हैं। केयू जहां अपने टेक्निकल नियमित शिक्षकों को पीएचडी कराने के लिए प्रवेश परीक्षा ले रहा है, वहीं गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी हिसार प्रवेश परीक्षा से छूट दे रही है।

केयू शिक्षकों ने इस दोहरे रवैये पर रोष जताया है। शिक्षकों ने कहा कि प्रदेश सरकार एक ही शिक्षा नीति को लागू करने का दावा करती है लेकिन प्रदेश में सभी यूनिवर्सिटी अपने नियमों के अनुसार ही काम कर रही हैं। कुटा प्रधान डॉ. अनिल गुप्ता, सचिव डॉ. अवनीश वर्मा और पूर्व कुटा सचिव डॉ. परमेश कुमार ने बताया कि केयू में पिछले कई सालों से नियमित शिक्षक पीएचडी करने के लिए प्रवेश परीक्षा की शर्त को खत्म करने की मांग कर रहे हैं। इसके बावजूद उनकी मांग को केयू प्रशासन अनसुना कर रहा है।

यह होगा लाभ

डॉ.अनिल गुप्ता ने बताया कि यूनिवर्सिटी में तकनीकी शिक्षकों को पीएचडी प्रवेश परीक्षा से छूट देने का पूरा लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा। जब शिक्षक पीएचडी करेंगे तभी वे विद्यार्थियों को भी पीएचडी करा सकते हैं। इससे कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में शोध के स्तर को बढ़ाने में मदद मिलेगी।

यह है मामला

कुटाप्रधान डॉ. अनिल गुप्ता ने बताया कि पीएचडी करने के लिए नेट करके लगे शिक्षकों को तो छूट मिलती है लेकिन एमटेक करने वाले शिक्षकों को यह छूट नहीं है। जीजेयू हिसार में एमटेक करने वाले शिक्षकों को भी पीएचडी में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा से छूट मिलती है। इसी को आधार बनाते हुए केयू के डीन एकेडमिक अफेयर और केयू वीसी से भी शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल मिला था।