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\"भारत की बहुरंगी संस्कृति का वाहक है संग्रहालय\'

7 वर्ष पहले
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कामेश्वरसिंहदरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय, दरभंगा, बिहार के पूर्व वीसी ब्रह्मचारी प्रो. सुरेंद्र कुमार ने कहा कि श्रीकृष्ण संग्रहालय देखना एक सुखद अनुभव है। संग्रहालय श्रीकृष्ण और महाभारत के कथानक की विभिन्न प्रदेशों की कलात्मक अभिव्यक्ति को प्रकट कर भारत की बहुरंगी संस्कृति की झलक प्रस्तुत करता है। वे शनिवार को कुरुक्षेत्र भ्रमण पर पहुंचे थे। इस दौरान संग्रहालय देखने भी आए। जहां क्यूरेटर राजेंद्र सिंह राणा ने उनका स्वागत किया। कहा कि भारत र| गुलजारीलाल नंदा के प्रयासों से आज कुरुक्षेत्र विश्व मानचित्र पर जगह बना रहा है। यह संग्रहालय भी उनके प्रयासों से बना।

कुरुक्षेत्र भारत के पर्यटक मानचित्र पर अपनी पहचान बना रहा है। नंदा जी जैसे सदाचारी ने भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों से जनसामान्य के नैतिक और चारित्रिक उत्थान को मध्यनजर रखते हुए इस संग्रहालय की नींव रखी। संग्रहालय की पुरातात्विक वीथिका में प्रदर्शित द्वारका के पुरावशेष देखकर वह रोमांचित हो उठे। कहा कि इससे दर्शकों को महाभारत कालीन इतिहास की बहुत सी जानकारियां उपलब्ध होती है। गुलजारी लाल नंदा नीतिशास्त्र और दर्शन शास्त्र केंद्र के निदेशक प्रो. रणवीर सिंह भी साथ रहे। संग्रहालय के आर्टिस्ट बलवान सिंह ने उन्हें म्यूजियम की जानकारी दी। मौके पर कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एसडीएम विनय प्रताप सिंह ने कहा कि प्रो. कुमार जैसे शिक्षाविदों के मार्गदर्शन सुझाव से निश्चित संग्रहालय को लाभ होगा।

कुरुक्षेत्र|श्री कृष्ण संग्रहालय का भ्रमण करते हुए कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय, दरभंगा, बिहार के पूर्व वीसी प्रो. सुरेन्द्र कुमार।