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\"दिव्य शांति के लिए सत्संग और सिमरन जरूरी\'

7 वर्ष पहले
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श्रीकृष्णकृपाप्रचार समिति द्वारा ज्योतिसर तीर्थ स्थित श्रीगीता कुंज में गीता मनीषी वेदांतानंद ने श्रद्धालुओं को गीता के श्लोकों के माध्यम से प्रतिदिन होने वाली दिनचर्या समझाई। बारिश ठंड के कारण आयोजकों द्वारा कथास्थल ज्योतिसर तीर्थ से बदलकर गीता कुंज कर दिया गया है। कार्यक्रम में जिला परिषद के चेयरमैन प्रवीण चौधरी ने बतौर मुख्यातिथि श्री गीता जी का पूजन किया।

साथ ही दर्शन साधु समाज हरियाणा के कार्यालय सचिव महंत अरविंद दास, भागवताचार्य पंडित अनिल शास्त्री, पंडित विजय अत्री, समिति के अध्यक्ष राम नारायण मदान, संयोजक राजीव कुमार राय, देवेंद्र यादव, डॉ. विजय पांडे और हीरा लाल पासवान ने वेदांतानंद महाराज का स्वागत किया। प्रवचनों में वेदांतानंद बोले कि भगवद गीता प्रत्येक प्राणी को सावधान करते हुए चेतावनी देती है कि दिव्य शांति की उपलब्धि के लिए मनुष्य को सत्संग, सेवा और सिमरन में ध्यान लगाना होगा। अपने प्रत्येक बौद्धिक, निर्णय, मानसिक विचार तन द्वारा कर्म करते हुए दूसरों की भलाई प्रसन्नता के लिए जिओ। आरती में सुभाष महाजन, मारकंडेय मिश्र, प्रेम सिंह नंबरदार, सुखदेव सिंह राणा पूर्णचंद मौजूद थे।

ज्योतिसर|ज्योतिसर में आयोजित भागवत कथा में प्रवचन करते कथावाचक।

कुरुक्षेत्र| बरसातके बावजूद रविवार को गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में निकाली प्रभातफेरी को लेकर संगत में उत्साह था। गुरुद्वारा छठी पातशाही से शुरू हुई प्रभातफेरी नगर में सतनाम-वाहेगुरु का जाप करती हुई मोहन नगर में जसबीर सिंह के निवास पर पंहुची। परिवार के सदस्यों ने मोहल्ला वासी संगत के साथ मिलकर आतिशबाजी की और पुष्पवर्षा करते हुए प्रभातफेरी का स्वागत किया। जो बोले सो निहाल सत श्री अकाल के जयकारों से पूरा वातावरण गूंजायमान हो गया। परिवार के निवास पर सजे दीवान में गुरुद्वारा साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी अमरीक सिंह ने संगत को गुरु इतिहास से अवगत कराया।