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लाठीचार्ज से सबक, अब दंगा-प्रदर्शनों से निपटेंगे स्पेशल दस्ते

7 वर्ष पहले
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अभीतक दंगों या बेकाबू होते प्रदर्शनों से निपटने के लिए थाना चौकियों से ही फोर्स मौके पर पहुंचती थी। स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए अक्सर लाठीचार्ज को ही अपना साधन बनाती। जिससे संभलने की बजाए स्थिति और बिगड़ जाती। लेकिन अब कुरुक्षेत्र पुलिस ऐसा नहीं करेगी। प्रदर्शनों या हिंसक होती भीड़ से निपटने के लिए स्पेशल टीम ही मौके पर पहुंचेगी। इसके लिए पुलिस की दो कंपनी होंगी। जिन्हें ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए बाकायदा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। जिला पुलिस लाइन में इस टीम का गठन कर प्रशिक्षण भी शुरू कर दिया है। अगले 15 दिनों के भीतर यह टीम पूरी तरह से तैयार हो जाएगी। इसकी पुष्टि एसपी अश्विन शैणवी ने की है।

एचएसजीपीसीकी घटना से सबक : बतादें दें कि गत छह अगस्त को एचएसजीपीसी ने ऐतिहासिक गुरुद्वारा छठी पातशाही की सेवा संभालने को लेकर कूच किया था। उधर एसजीपीसी ने गुरुद्वारे में मोर्चा संभाला था। ऐसे में यदि दोनों पक्ष आमने सामने होते तो टकराव तय था। एचएसजीपीसी कार्यकर्ता भी काफी भड़के हुए थे। तब पिछले तीन दिनों से एचएसजीपीसी सड़क पर ही डेरा डाले थे। जिस पर सैकड़ों की संख्या में पुलिस बल वहां तैनात था। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने आनन फानन में लाठीचार्ज शुरू कर दिया। 100 से ज्यादा वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि तब कुछ धैर्य रख कर स्थिति को संभाला जा सकता था। लेकिन लाठीचार्ज से उल्टा असर हुआ।

संभालेगी चुनाव वीआईपी सुरक्षा : यहस्पेशल टीम चुनाव से पहले तैयार होगी। चुनाव के दौरान भी इस टीम का जरूरत के हिसाब से प्रयोग किया जाएगा। वहीं भविष्य में वीवीआईपी दौरों या दंगों जैसी स्थिति में भी टीम काम करेगी।

इस घटना से अब पुलिस ने भी सबक लिया। दोबारा ऐसी स्थिति आए, इसके लिए विचार विमर्श कर स्पेशल दस्ते तैयार करने का निर्णय पुलिस ने लिया। पहले प्रदर्शनों आदि से निपटने के लिए सीधे पुलिस थानों चौकियों से फोर्स भेजी जाती थी। जिसके पास ना तो पर्याप्त साधन होते और ना ही प्रशिक्षण। अब 200 पुलिस जवानों एवं अधिकारियों की स्पेशल टीम तैयार की हैं। एसपी अश्विन शैणवी के मुताबिक जरूरत पड़ने पर इस दस्ते से 100-100 की टीम मोर्चा संभालेंगी। प्रत्येक टीम को एक डीएसपी रैंक का अफसर लीड करेगा। अगले 15 दिनों के भीतर यह टीम पूरी तरह से तैयार हो जाएगी। इसे विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

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