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समाज के स्तंभ होते हैं शिक्षक : डाॅ. दहिया

7 वर्ष पहले
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कुरुक्षेत्र|केयू केपूर्व वीसी डॉ. भीम सिंह दहिया ने कहा कि पहला स्थान भगवान का और दूसरा शिक्षक का होता है। शिक्षक समाज के स्तंभ हैं। क्योंकि अध्यापक धन के, बल्कि गुणों के पीछे है। समाज में इन गुणों को विकसित करने की कला शिक्षक अच्छी तरह जानता है। वे धर्मजीवी प्लेवे के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। इस मौके पर बाबा जंगा बगथले वाले, पूर्व सरपंच बलबीर सिंह, डा. सुरेश भोला, डा. दीप भोला, मदनमोहन छाबड़ा, जोगिंद्र सिंह, बलविंदर सिंह बगथला आदि विशिष्ट अतिथि रहे। मौके पर धर्मजीवी कॉलेज ऑफ एजुकेशन में अध्यापन के मूल्य विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता डा. भीम एस दहिया के अलावा, कॉलेज के चेयरमैन विजय सभ्रवाल, सचिव शशि सभ्रवाल ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

दहिया ने कहा कि शिक्षक को सामाजिक बुराइयों से ऊपर उठना होगा। बच्चों को अच्छी शिक्षा देना, उन्हें सद्मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हुए अच्छा इंसान बनाना शिक्षक का कर्तव्य है। शशि सभ्रवाल ने कहा कि एक अच्छे अध्यापक में जीवन को अलग-अलग नजरिए से देखने की कला भी होनी चाहिए। मौके पर शिक्षिका शालिनी राजपूत और सुदेश तनेजा को सम्मानित किया गया। इस मौके पर प्रिंसिपल हरमीत कौर, मीनाक्षी शर्मा, नम्रता शर्मा, रजनी, रमा, सुनिधि और दिव्य मौजूद रही।