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फ़र्स्ट एड ट्रेनिंग लेनी है तो बाइक चालकों को हेलमेट पहनकर आना होगा

7 वर्ष पहले
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सड़कहादसोंको कम करने में जहां पुलिस प्रशासन जुटा है, वहीं अब रेडक्रास भी हादसों में युवाओं की मृत्यु दर कम करने को लेकर अवेयरनेस प्रोग्राम चलाएगी। रेडक्रास अब बाइक पर आने वाले उन युवाओं को प्राथमिक चिकित्सा का प्रशिक्षण नहीं देगी, जो प्रशिक्षण शिविर में हेलमेट पहन कर नहीं आएंगे। फ़र्स्ट एड में पारंगत होने से उसका खुद भी ट्रैफिक नियमों के प्रति अवेयर होना जरूरी है। इसे देखते हुए रेडक्रास ने यह योजना तैयार की है।

बाकायदा 17 दिसंबर से इसे लागू भी किया जाएगा। 17 से रेडक्रास भवन में प्रस्तावित फ़र्स्ट एड शिविर में जो युवा बाइक पर बिना हेलमेट आएंगे, उन्हें प्रशिक्षण नहीं मिलेगा। यही नहीं युवाओं को बाकायदा ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा। जिन्हें फ़र्स्ट एड की ट्रेनिंग मिलेगी, वे अपने आसपास फ़र्स्ट एड ट्रैफिक नियमों के प्रति अवेयर करेंगे। इनकी बाकायदा सूची तैयार की जाएगी। बता दें कि हर साल लापरवाही बरतने पर 18 वर्ष से लेकर 35 वर्ष के युवा सड़क हादसों में जान गंवाते हैं।

पुलिस देगी साथ

जिलाट्रैफिक पुलिस प्रभारी मनोज कुमार के मुताबिक रेडक्रास की यह पहल सराहनीय है। पुलिस इस मुहीम में अपनी तरफ से हर संभव सहयोग देगी।

गिफ्ट में दो हेलमेट

रेडक्राससचिव श्यामसुंदर के मुताबिक युवाओं को हेलमेट पहनने के लिए जागरूक किया जाएगा। अभियान के तहत प्रयास रहेगा कि यह संदेश दिया जाए कि युवा अन्य लोग अपने परिजनों मित्रों को गिफ्ट में भी हेलमेट दें।

हर साल 6000 को मिलती ट्रेनिंग

रेडक्रासकी तरफ से हर वर्ष छह हजार से अधिक युवाओं को फ़र्स्ट एड की ट्रेनिंग दी जाती है। इसके लिए सालभर रूटीन में कैंप लगाए जाते हैं। रेडक्रास सचिव श्यामसुंदर के मुताबिक ट्रेनिंग लेने के लिए अधिकतर युवा आमतौर पर बाइक पर आते हैं। लेकिन देखने में आता है कि बाइक चालक बिना हेलमेट आते हैं। इसे देखते हुए ही रेडक्रास ने यह नियम बनाया है। उनका मकसद हादसों में मृत्युदर को कम करना है। आठ दिन का प्रशिक्षण दिया जाता है। पहले दिन हेलमेट पहनने वाले को इसके लिए प्रेरित किया जाएगा। बता दें कि फ़र्स्ट एड प्रशिक्षण रोडवेज जैसे सरकारी विभागों में भर्ती के लिए जरूरी है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों की माने तो विश्व में हर साल 25 वर्ष से कम उम्र के करीब एक हजार युवा सड़क हादसों में जान गंवाते हैं। इनमें ज्यादा