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सहकारी समिति की वोट बनाने से भड़के लोग

7 वर्ष पहले
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सहकारीसमितियों के असिस्टेंट रजिस्ट्रार रोहित गुप्ता ने बताया कि वोटें बनने की शिकायत लेकर उनसे कई लोग मिले हैं। जिसपर उन्होंने संबंधित समिति के मैनेजर को बुलाकर वोट बनाने के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि नई वोट बनाने को लेकर कोर्ट में केस किया हुआ है लेकिन इस मामले में स्टे नहीं मिला। इसलिए वोटें बनाने का आदेश दिया गया।

कुरुक्षेत्र| नईअनाज मंडी में वोट बनाने को लेकर भड़के लोग।

कुरुक्षेत्र|नई अनाजमंडी स्थित दी सहकारी विपणन अौर प्रसाधन समिति लिमिटेड थानेसर में अपनी वोट बनवाने के लिए पहुंचे आवेदकों ने वोट बनने पर समिति के सामने प्रदर्शन किया। इसके बाद भी लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और वे मामले को लेकर सहकारी समितियों के असिस्टेंट रजिस्ट्रार के पास पहुंच गए। आखिरकार एआर ने समिति के मैनेजर को बुलाकर वोट बनाने के निर्देश दिए। इसके बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ और वे दोबारा समिति के कार्यालय में पहुंचे। इसके चलते दोपहर बाद वोटें बनने का काम शुरू हो पाया। इससे पहले सुबह वोट बनवाने के लिए पहुंचे लोगों को कर्मचारियों ने टरकाना शुरू कर दिया। जब वोट बनवाने वाले लोगों की संख्या अधिक बढ़ती दिखी तो कर्मचारी अपनी सीटों को छोड़कर बाहर निकल गए। जिसके चलते आवेदक खाली कुर्सियों के सामने खड़े रहे। काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी जब कर्मचारी अपनी कुर्सियों पर नहीं आए तो लोगों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया।

नौदिसंबर तक बननी हैं वोट : अपनीवोट बनवाने आए फतेह सिंह, शक्ति सिंह, राजकुमार, रणधीर, विकास, प्रिंस, चमेल सिंह और विनोद कुमार ने बताया कि नौ दिसंबर तक सहकारी समिति की वोटें बननी हैं। जब सोमवार को सुबह वे वोट बनवाने के लिए फाॅर्म लेकर पहुंचे तो कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें आदेश मिला है कि वोटें नहीं बनानी। इसलिए वोट नहीं बनाई जा सकती। इसके बाद कर्मचारी अपनी सीटों को छोड़कर बाहर चले गए। आवेदकों ने कहा कि जानबूझकर नई वोटें बनने से रोकी जा रही हैं। ताकि नए लोगों को सहकारी समिति के चुनाव में हिस्सा लेने का मौका ही मिले और पहले से समिति के सदस्य अपनी मनमर्जी कर सकें। आवेदकों ने बताया कि शुक्रवार और शनिवार को तो वोटें बनाई गई लेकिन सोमवार को जब अधिक लोगों को इस बारे में पता चला तो वोटें बनाने पर रोक लगा दी गई। जोकि पूरी तरह से गलत है।