कुरुक्षेत्र। कैथल रूट पर पहली पर दौड़ी एक्सप्रेस ट्रेन ने पहले ही दिन 50 से ज्यादा टिकट कटवाकर दूसरी गाड़ियों को पछाड़ा। वैसे तो पिछले दो वर्षों में कुरुक्षेत्र जंक्शन पर चार एक्सप्रेस गाडिय़ों का ठहराव हुआ। लेकिन जयपुर से चंडीगढ़ के बीच चली नई इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन में पहले दिन सबसे ज्यादा टिकट बिके।
इससे पहले जिन गाडिय़ों का कुरुक्षेत्र ठहराव हुआ उसमें इतनी सवारियां नहीं चढ़ी। इनमें सबसे ज्यादा सिर्फ 35 टिकट ही कट पाई। इस रूट पर लंबे अरसे से लोग एक्सप्रेस गाड़ी की डिमांड कर रहे थे। मंगलवार को पहले दिन ट्रेन में सबसे अधिक रोहतक और कैथल की सवारिया रहीं। जबकि जयपुर, नरवाना, जींद और रेवाड़ी के यात्रियों ने भी इस ट्रेन में सफर किया।
अपनेनिर्धार्धित समय पर पहुंची इंटरसिटी एक्सप्रेस : दोपहरको 2: 20 बजते ही कुरुक्षेत्र स्टेशन पर इंटरसिटी एक्सप्रेस के होर्न की आवाज गई। जोकि तीन नंबर प्लेटफार्म पर आकर रुकी। पहले ही दिन गाड़ी पहले निर्धारित समय पर पहुंची। जिसका शहरवासियों ने फूलमालाओं से स्वागत किया। इनमें लोकस्वराज जनसेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष रघुबीर गर्ग और रेलवे वार्डन एसोसिएशन के जिला सचिव लोकनाथ शर्मा, संयुक्त सचिव तजेंद्र सिंह मक्कड़ ने ट्रेन चालक जगत सिंह ढांडा और गार्ड नेतराम सरोज का स्वागत किया।
विद्युतीकरण होने के कारण डीजल की चली ट्रेन : कुरुक्षेत्र-कैथलरूट पर रेल लाइन विद्युतिकरण होने के कारण डीजल से चलने वाली एक्सप्रेस गाड़ी को दौड़ाया गया। इस रूट पर रोहतक से झज्जर और कुरुक्षेत्र से कैथल दोनों ही लाइन पर बिजली की तारें नहीं हैं।
कुरुक्षेत्र से कैथल के लिए अभी तक कोई एक्सप्रेस ट्रेन नहीं थी। ऐसे में यात्रियों को लोकल ट्रेन में ही सफर करना पड़ता था। इस रूट पर दिन में चार पेसेंजर गाडिय़ां चलती हैं। जबकि एक्सप्रेस एक भी गाड़ी नहीं थी। अब इस पटरी पर एक्सप्रेस गाड़ी चलने से कैथल, नरवाना, जींद, रोहतक, रेवाड़ी, अलवर, बांदीकुई जयपुर जाने वाले यात्री समय से पहले गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। इससे दैनिक यात्रियों को काफी फायदा होगा।
जयपुर जाने वाली यात्री हेमराज का कहना है कि कैथल रूट पर एक्सप्रेस गाड़ी चलाने से शहरवासियों को जैसे रेलवे ने बहुत बड़ा तोहफा दिया हो। इस गाड़ी के चलने की लोगों को कोई उम्मीद नहीं थी, लेकिन रेलवे के इस फैसले से हजारों यात्रियों को लाभ मिलेगा।