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नौकरी और नेशनल गेम में सिलेक्ट कराने के नाम पर कोच ने खिलाड़ियों को ठगा
भास्कर नॉलेज
सिंगापुर भेजने के नाम पर 29 लड़कों से ठगे 40 लाख
पोपीनपंवार | यमुनानगर
दीपकसतविंद्रतुम्हारी रेलवे में नौकरी लगवा देंगे। इस पर 40-50 हजार रुपए का खर्च आएगा। सिमरन तुम्हें रेलवे में टीटी बनवा देंगे। सिर्फ चार लाख रुपए देेने होंगे। इसी तरह आशीष कुमार को कहा कि बांग्लादेश खेलने के लिए तुम्हारा नाम सलेक्ट हो गया है। तीन लाख रुपए लेकर आओ। सभी ने क्रिकेट कोच पर विश्वास कर पैसे थमा दिए। अब तलाशने से भी कोच उनको नहीं मिल रहा है। यह गुहार एसपी शशांक आनंद को पीड़ितों ने लगाई। पीड़ितों की आपबीती सुनकर एसपी ने मामले को जांच के लिए इकोनोमिस्ट सेल में सौंप दिया।
40से ज्यादा छात्रों ने लगाया पैसे ठगने का आरोप : पीड़ितोंने एसपी को बताया कि अजय सोनी इंडियन पब्लिक स्कूल बुड़िया में क्रिकेट कोच था। स्कूल के मैदान में उनको क्रिकेट की ट्रेनिंग देता था। ट्रेनिंग के दौरान बच्चों को तरह-तरह के सब्जबाग दिखाता। विश्वास दिलाने के नाम पर फार्म भी भरवाता था, जिससे सभी को यकीन हो गया कि कोच उन लोगों को शुभ चिंतिक है।
स्कूलऔर थाने कहीं सुनवाई नहीं : पीड़ितोंने इस संबंध में स्कूल और पुलिस को शिकायत दी।
वहां पर सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने एसपी शशांक आनंद को आरोपी के खिलाफ लिखित में शिकायत दी। खिलाड़ियों ने किसी तरह कोच के घर का पता निकाला। उन्हें पता चला कि कोच अपने घर पर वापस आया होगा, तो वे उसके घर पहुंच गए।
ध्यान रहे कोच के परिजनों ने उसकी गुमशुदगी का पर्चा दर्ज कराया हुआ था। लेकिन खिलाड़ियों को यहां कोच नहीं मिला। उनका ये भी कहना है कि कोच के घर आने की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम गांधी नगर पुलिस चौकी में दी। लेकिन पुलिस मौके पर नहीं आई।
हमाराकोच नहीं है: बुड़ियाचौक स्थित इंडियन पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल मीनाक्षी भारद्वाज का कहना है कि अजय सोनी उनके स्कूल का कोच नहीं है। वह उनके स्कूल के मैदान में बच्चों की तैयारी कराता था। बच्चों के फायदे के लिए मैदान दिया हुआ था। पैसे लेने देने के मामले में स्कूल का कोई भी संबंध नहीं है।
दो तरह के टूर्नामेंट होते हैं। पहले सरकारी दूसरे गैर सरकारी। सरकारी आयोजन किसी एडिड संस्था, स्कूल, विश्वविद्यालय या सरकार की ओर से आयोजित होते हैं। इसी तरह ओपन टूर्नामेंट किसी की याद में या किसी भी उपलक्ष्य में कभी भी आयोजित किए जा सकते हैं। ओ