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ऑनलाइन सिस्टम बना कमेटी के लिए आफत

5 वर्ष पहले
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धानकेइस सीजन से सरकार की फसलों की ऑनलाइन बिक्री करने की योजना सिरे चढ़ती नहीं दिख रही। मार्केट कमेटी सचिव किसानों व्यापारियों की ओर से सहयोग मिलने का रोना रो रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि फसलों की ऑनलाइन बिक्री बिना किसानों की डिटेल के कैसे संभव है।

वहीं व्यापारी वर्ग का तर्क है कि बिना प्रशिक्षण के इस सिस्टम को वे लोग कैसे चला सकते हैं। ऐसे में सरकारी आदेशों के कारण मार्केट कमेटी लोकल खरीद को ऑनलाइन दिखाने पर मजबूर है।

40फीसदी किसानों ने नहीं कराया रजिस्ट्रेशन : 40फीसदी किसानों ने भी मार्केट कमेटी कार्यालय में पंजीकरण नहीं करवाया। इस लिहाज से देखा जाए तो केंद्र सरकार की इस योजना को लागू करना मार्केट कमेटी अधिकारियों के लिए ढेडी खीर साबित हो रहा है। वहीं मंडी में 358 व्यापारियों में से महज दो फीसदी ने ही अपने प्रतिष्ठानों पर कंप्यूटर और इंटरनेट की व्यवस्था की है। जिले सिंह कहते हैं कि धान की ऑनलाइन बिक्री को लेकर किसान के साथ-साथ मार्केट कमेटी को व्यापारियों का भी सहयोग नहीं मिल रहा। जबतक व्यापारी वर्ग इस योजना को लेकर तैयार नहीं होगा। तब तक यह कारगर साबित नहीं हो सकती। लिहाजा किसान व्यापारी दोनों वर्गों के सहयोग से ही यह योजना सिरे चढ़ सकती है।

मार्केटकमेटी अपने स्तर पर खींच रही ऑनलाइन व्यवस्था : कहनेको इस बार मंडियों में धान की ऑनलाइन बिक्री होनी थी, व्यापारियों को भी इसमें सहयोग करने की अपील की गई थी। लेकिन मंडियों में कही भी धान की ऑनलाइन बिक्री नहीं हो रही। पहले की तरह लोकल व्यापारी ही मंडी से खरीद कर रहा है। ऐसे में मार्केट कमेटी के कर्मचारी ढेरियों पर पहुंच किसान की खाते सहित अन्य डिटेल लेकर उसे अपने कार्यालय से ऑनलाइन बिक्री के तौर पर दिखाने को मजबूर हैं।

हम कैसे करें लागू-नहीं कोई प्रशिक्षण

मंडियोंमें ऑनलाइन बिक्री सिस्टम लागू कैसे हो सकता है। एक भी व्यापारी के पास अभी तक कंप्यूटर, इंटरनेट जैसी सुविधा नहीं है। नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान दौलतराम बंसल कहते हैं कि जबतक व्यापारियों को इस योजना का प्रशिक्षण नहीं दिया जाएगा। तब तक वे इस सिस्टम को कैसे अपना सकते हैं। प्रशासन को पहले व्यापारियों को प्रशिक्षण देना चाहिए था।

बोले सचिव-कई महीने की भागदौड़ नहीं, किसान तैयार

मार्केटकमेटी सचिव जिले सिंह का कहना है कि ऑनलाइन फसलों की बिक्री को लेकर कई महीने से गांव दर गांव पहुंच किसानों को जागरूक कर रहे हैं। साथ ही उनके खाते, आधार नंबर सहित अन्य जानकारियां जुटाने का प्रयास किया गया। लेकिन इतनी भागदौड़ के बावजूद जिलेभर के 6600 किसानों ने ही मार्केट कमेटी कार्यालय में रजिस्ट्रेशन कराया है। जबकि मार्केट कमेटी जिला में किसानों की संख्या 25 हजार से अधिक मान रही है। इस सीजन में 20 हजार किसानों के खाते ऑनलाइन करने का लक्ष्य तय कर उसे पूरा करने में पिछले तीन महीनों से विभाग जुटा है।

कुरुक्षेत्र | नईअनाज मंडी में धान की बोली करते व्यापारी।

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