- Hindi News
- नामांकन के बाद पाई पाई का रखना होगा हिसाब
नामांकन के बाद पाई-पाई का रखना होगा हिसाब
नामांकनभरने के साथ ही प्रत्याशियों के खर्च पर चुनाव आयोग निगाह रखना शुरू कर देगा। कैंडिडेट्स को पाई-पाई का हिसाब-किताब रखना जरूरी होगा। छोटे से छोटे खर्च का भी चुनाव आयोग को ब्यौरा देना होगा। अधिसूचना 20 सितंबर को जारी होगी। इसके साथ ही नामांकन पत्र जमा करने का काम शुरू हो जाएगा। चुनाव आयोग भी शेडो रजिस्टर तैयार करेगा। बाद में दोनों का मिलान किया जाएगा। चुनाव आयोग के मुताबिक इस बार 28 लाख रुपए तक एक प्रत्याशी विधानसभा चुनाव में खर्च कर सकता है।
फूलमालासे लेकर हर चीज का खर्च दर्ज होगा: चुनावखर्च के बारे में उम्मीदवार के लिए अभी नामांकन तक कुछ निश्चित है। लेकिन नामांकन भरने के साथ ही उनके लिए पाई-पाई का हिसाब-किताब रखना जरूरी हो जाएगा। उन्हें फूलमाला से लेकर दफ्तर के छोटे-छोटे खर्च का भी ब्यौरा देना होगा। खास बात यह है कि निर्धारित स्थानों पर भी होर्डिंग, बैनर अन्य प्रचार सामग्री तब ही लगाई जा सकेगी, जब इसके लिए अनुमति ली जाएगी। अधिसूचना 20 सितंबर को जारी होगी। इसके साथ ही नामांकन पत्र भरने का काम शुरू हो जाएगा। अधिसूचना से पहले किसी भी उम्मीदवार के लिए चुनाव खर्च का रजिस्टर रखना अनिवार्य नहीं है। इस मद में खर्च को लेकर भ्रम की स्थिति को दूर करने के लिए उम्मीदवारों तथा संभावित उम्मीदवारों द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से संपर्क साधा जा रहा है। जिला निर्वाचन अधिकारी विजय दहिया के अनुसार जिस दिन नामांकन भरा जाएगा, उसी दिन से संबंधित उम्मीदवार को खर्च रजिस्टर में सभी खर्चों का विवरण दर्ज करना होगा। नामांकन से पहले किसी को उम्मीदवार नहीं माना जा सकता। लेकिन संबंधित राजनीतिक दल उम्मीदवार निर्धारित स्थानों पर तभी प्रचार सामग्री चस्पा कर सकेंगे या होर्डिंग लगा सकेंगे, जब इसके लिए अनुमति मिल जाएगी। प्रचार के लिए स्थान निर्धारित कर दिए गए हैं।