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- सुहानी भोर में भी घोर जब अंधियारा हो जाए...
सुहानी भोर में भी घोर जब अंधियारा हो जाए...
अग्रवालसंगठन की ओर से अग्रसेन जयंती के मौके पर अग्रवाल कॉलेज में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न शहरों से आए कवियों ने अपनी प्रस्तुति से रंग जमाया। सम्मेलन की शुरुआत गीतकार एवं कवि राजेश खुशदिल ने सरस्वती वंदना से की। सुबह करीब 4 बजे तक चले कवि सम्मेलन की विशेषता यह रही कि इसमें हास्य के साथ साथ देशप्रेम की भावनाओं आज के समाज की विसंगतियों पर कवियों ने तीखा प्रहार किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उद्योगपति टीएम ललानी थे। इस मौके पर ललानी ने कहा, आज भी महाराज अग्रसेन के सिद्धांत प्रासंगिक हैं।
देश की आर्थिक सामाजिक तरक्की के लिए महाराज अग्रसेन के सिद्धांतों को अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, महाराज अग्रसेन समाजवाद के प्रणेता थे। हास्य कवि दीपक गुप्ता ने मंच संचालन किया। पैरोडीकार वरुण चतुर्वेदी ने अलग-अलग कलाकारों नेताओं की हूबहू आवाज निकाल कर सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। हरियाणवी हास्य कवि मास्टर महेंद्र ने अपने हरियाणवी अंदाज में कविताएं सुनाकर सभी को हंसने के लिए मजबूर कर दिया। ओज कवि अब्दुल गफ्फार ने सुनाया- सुहानी भोर में भी घोर जब अंधियारा हो जाए, अंधेरा जीत जाए रोशनी की हार हो जाए। सूरज से बगावत का खुला हकदार है दीपक, सुबह को बेच दे सूरज अगर गद्दार हो जाए। उत्तरप्रदेश से आए व्यंग्यकार देवेन्द्र दीक्षित शूल ने हास्य के माध्यम से घोटालों पर प्रहार करते हुए कहा- घोटाला- घोटाला कर ये घोटाला, सारा घर भर लिया, पब्लिक के पैसे को बिना डकार लिए यूं ही हजम कर लिया। कार्यक्रम में जेपी गुप्ता, शिक्षाविद एवं उद्योगपति डॉ. एसके गर्ग, पार्षद राजेंद्र अग्रवाल, महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष सीमा जैन, सतीश अग्रवाल आदि मौजूद थे।